सहारनपुर में बच्ची से दरिंदगी के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
सहारनपुर पॉक्सो अदालत ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई पैरवी।
सहारनपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में त्वरित न्याय सुनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो कोर्ट कक्ष संख्या-13 ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह प्रकरण कोतवाली देहात क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2021 में काशीराम कॉलोनी निवासी बंशी पुत्र कमल के विरुद्ध एक बच्ची को बहलाकर अगवा करने और उसके साथ घिनौना कृत्य करने का मामला दर्ज हुआ था। पीड़िता पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने इस मुकदमे में न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए और लगातार मजबूत पैरवी सुनिश्चित की। गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए यह सख्त सजा सुनाई।
इस न्यायिक प्रक्रिया में राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता एडीजीसी संजय मलिक, विवेचक उपनिरीक्षक चन्द्रसैन सैनी और पैरोकार आरक्षी कौशल कुमार की भूमिका प्रभावी रही। यह अदालती आदेश बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने की दिशा में एक सख्त संदेश है।
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