हरदोई में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का बड़ा असर: कोर्ट ने कुकर्म के दोषी को सुनाई 10 साल की कड़ी सजा, लगा जुर्माना
हरदोई की पॉक्सो कोर्ट ने 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत त्वरित सुनवाई करते हुए कुकर्म के दोषी महेश को 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
हरदोई की पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पैरवी से कुकर्म के दोषी को मिली दस वर्ष की जेल
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत हरदोई पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले की पॉक्सो अदालत ने शाहबाद थाना क्षेत्र के एक बेहद गंभीर और पुराने मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। सरकारी वकीलों और पुलिस की मजबूत गवाही व सही पैरवी के कारण कोर्ट ने आरोपी को कुकर्म और उत्पीड़न का दोषी पाते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायधीश ने दोषी पर बीस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
यह पूरा मामला शाहबाद थाने में दर्ज एक पुराने मुकदमे से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने धारा 377 और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पुलिस द्वारा पेश किए गए गवाहों के बयानों को देखने के बाद मौजा खलील, कस्बा व थाना शाहबाद के रहने वाले अभियुक्त महेश, जो शिवचरण का पुत्र है, को पूरी तरह दोषी पाया।
पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस संवेदनशील मामले में जांच टीम द्वारा की गई वैज्ञानिक विवेचना और गवाहों को समय पर कोर्ट में पेश करने से ही दोषी को यह सजा मिल सकी है। इस पूरे कानूनी सफर में अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव, मामले के जांच अधिकारी और उपनिरीक्षक हरजीत सिंह के साथ शाहबाद थाने के पैरोकार कांस्टेबल परशुराम ने बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई, जिनकी मुस्तैदी की सराहना की जा रही है। जिला पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में लिप्त अपराधियों को कानून के जरिए सजा दिलाने का यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
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