Sambhal News: 100 साल पुराना दशहरा मेला बना आस्था का केंद्र, 30-40 गांवों की उमड़ी भीड़; हयातनगर में राम के अग्निबाण से हुआ रावण दहन
कल्कि नगरी सम्भल के हयातनगर में दशहरे का मेला धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। करीब 100 साल पुराने
उवैस दानिश, सम्भल
- सम्भल की कल्कि नगरी में गूंजा जय श्रीराम, बुराई पर अच्छाई की जीत का गवाह बना ऐतिहासिक दशहरा मेला
सम्भल: कल्कि नगरी सम्भल के हयातनगर में दशहरे का मेला धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। करीब 100 साल पुराने इस मेले में 30 से 40 गांवों के लोगों की भागीदारी रही। भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच रावण दहन के कार्यक्रम ने लोगों का ध्यान खींचा। मेले में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों की भागीदारी और प्रशासन की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया गया।
श्री आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस मेले को लेकर कमेटी के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कमेटी के संरक्षक जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि यह मेला लगभग एक सदी पुराना है और हर साल कमेटी के सदस्य मिलकर इसे भव्य रूप देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने पुलिस, नगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की व्यवस्थाओं की सराहना की। उनके मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारी भी मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। वहीं, उत्तराखंड से पहुंचे कनक कुमार सक्सेना ने दशहरे को सनातन संस्कृति और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगी। कमेटी के सेवक दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि 10 अक्टूबर 2026 से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। दशहरा मेले के बाद 23 अक्टूबर को भव्य भारत मिलाप शोभायात्रा निकालने की तैयारी है। मेले में रावण दहन के जरिए भगवान श्रीराम की विजय और बुराई के अंत का संदेश दिया गया। आस्था, परंपरा और सामुदायिक भागीदारी के रंग में रंगा हयातनगर का यह आयोजन क्षेत्र की पुरानी रामलीला परंपरा की झलक पेश करता नजर आया।
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