Sandila BJP Leader Vision - संडीला में आधुनिक पत्रकार भवन से लेकर कुटीर उद्योगों तक, भाजपा नेता जीपी सिंह राना ने रखा विकास का खाका
संडीला में भाजपा नेता जीपी सिंह राना ने पत्रकारों के सम्मान समारोह में आधुनिक पत्रकार भवन, डिजिटल न्यूज़ रूम और युवाओं के रोजगार के लिए कुटीर उद्योग लगाने की कार्ययोजना रखी।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह सोमवंशी
जनपद के संडीला विधानसभा क्षेत्र (161) से भारतीय जनता पार्टी के टिकट दावेदार जीपी सिंह राना ने पत्रकारों के सम्मान, क्षेत्र के बुनियादी विकास और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। रविवार को संडीला के एक निजी होटल में पत्रकार सम्मान समारोह एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता विष्णुदयाल शुक्ल, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष मुकेश सिंह सोमवंशी, लालचंद चौरसिया और जीपी सिंह राना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

कार्यक्रम के दौरान तहसील व ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को फूल-मालाएं पहनाकर, अंगवस्त्र और धार्मिक स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
- आधुनिक पत्रकार भवन और डिजिटल संसाधनों का वादा
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जीपी सिंह राना ने कहा कि ग्रामीण और तहसील स्तर के मीडियाकर्मी सीमित संसाधनों के बावजूद जनसमस्याओं को शासन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें प्रत्याशी बनाता है और जनता का समर्थन मिलता है तो संडीला में एक अत्याधुनिक पत्रकार भवन स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकारी योजनाओं या विधायक निधि के माध्यम से भवन निर्माण संभव नहीं हो पाता है, तो वे अपनी निजी निधि से भूमि खरीदकर भवन का निर्माण कराएंगे। प्रस्तावित भवन में डिजिटल न्यूज़ रूम, सामूहिक कवरेज वाहन, कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, ऑडियो-वीडियो स्टूडियो, सभागार, विश्राम कक्ष, सोलर पावर बैकअप, स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा पहल और युवा पत्रकारों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शामिल करने की बात कही गई।
- आम आधारित कुटीर उद्योग और स्थानीय रोजगार पर जोर
क्षेत्रीय विकास का खाका खींचते हुए भाजपा नेता ने संडीला क्षेत्र में आम के बड़े पैमाने पर उत्पादन का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि युवाओं का शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए क्षेत्र में आम से अचार व अन्य प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार करने वाले कुटीर उद्योगों की स्थापना आवश्यक है। इससे किसानों को उपज का वाजिब मूल्य मिलेगा और स्थानीय युवाओं को काम के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों की जरूरत के आधार पर युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, खारजा की समुचित सफाई न होने से फसलों को पहुंचने वाले नुकसान के स्थायी समाधान, किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता, महिला आत्मनिर्भरता और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने को अपनी प्राथमिकताओं में गिनाया।
What's Your Reaction?

