Tamil Nadu Annan Seer Scheme: दुल्हनों को 8 ग्राम सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी देगी सरकार, जानें 'अन्नन सीर' योजना की पात्रता और नियम

तमिलनाडु में दुल्हनों के लिए 'अन्नन सीर' योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पात्र युवतियों को 8 ग्राम 22-कैरेट सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी दी जाएगी। जानिए योजना के नियम व पात्रता।

By INA News Desk
Oct 7, 2026 - 11:00
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Tamil Nadu Annan Seer Scheme: दुल्हनों को 8 ग्राम सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी देगी सरकार, जानें 'अन्नन सीर' योजना की पात्रता और नियम
  • तमिलनाडु में शादी पर अनोखा तोहफा: 'अन्नन सीर योजना' के तहत नवविवाहिताओं को मिलेगा 22 कैरेट गोल्ड कॉइन और रेशमी साड़ी, ऐसे मिलेगा लाभ
  • Annan Seer Scheme: राज्य सरकार का बड़ा सामाजिक कदम, गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सरकार बनेगी 'भाई', देगी सोना और साड़ी
  • Tamil Nadu Welfare Scheme: बेटियों के विवाह पर आर्थिक संबल देगी 'अन्नन सीर' योजना, जानें आवेदन प्रक्रिया और मुख्य शर्तें

चेन्नई (तमिलनाडु)। तमिलनाडु में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले परिवारों की बेटियों के विवाह को सामाजिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई और कल्याणकारी पहल 'अन्नन सीर योजना' (Annan Seer Scheme) की घोषणा की है। तमिल संस्कृति में 'अन्नन सीर' का शाब्दिक अर्थ 'भाई की ओर से बहन को दिया जाने वाला पारंपरिक विवाह उपहार' होता है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार प्रत्येक पात्र दुल्हन को विवाह के पावन अवसर पर 8 ग्राम (एक संप्रभु/पवन) 22-कैरेट शुद्ध सोने का सिक्का और एक पारंपरिक कांचीपुरम सिल्क साड़ी उपहार स्वरूप भेंट करेगी। इस कदम से आर्थिक तंगी के कारण शादी के खर्च को लेकर चिंतित रहने वाले हजारों जरूरतमंद परिवारों को बड़ा संबल मिलेगा।

तमिलनाडु में विवाह के समय वर और वधु पक्ष के बीच मंगलसूत्र (थिरुमंगलम / थाली) के निर्माण के लिए सोने का विशेष सांस्कृतिक महत्व रहा है। ऐसे में सोने की आसमान छूती कीमतों के दौर में गरीब परिवारों के लिए विवाह संपन्न कराना एक बड़ा वित्तीय संकट बन जाता है। राज्य सरकार ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए यह तय किया है कि किसी भी कन्या के विवाह में सोने की अनुपलब्धता आड़े न आए।

  • क्या है 'अन्नन सीर' योजना का स्वरूप और लाभ?

इस कल्याणकारी योजना के तहत दिए जाने वाले लाभों को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है:

8 ग्राम (22 कैरेट) सोने का सिक्का: यह सिक्का वधु को थाली (मंगलसूत्र) तैयार कराने के लिए प्रदान किया जाता है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित 916 हॉलमार्क वाला यह 8 ग्राम का सिक्का पूरी तरह सरकारी आपूर्ति से शुद्ध रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।

पारंपरिक सिल्क साड़ी: राज्य के हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने और स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहकारी समितियों (जैसे Co-optex) के माध्यम से बुनी गई शुद्ध रेशमी साड़ी उपहार किट में शामिल होगी।

योजना का संचालन राज्य के समाज कल्याण एवं महिला अधिकारिता विभाग (Social Welfare and Women Empowerment Department) की देखरेख में किया जाएगा।

  • पृष्ठभूमि: पूर्ववर्ती 'थालिक्कु थंगम' योजना का आधुनिक विस्तार

तमिलनाडु का इतिहास विवाह सहायता योजनाओं के मामले में देश के अन्य राज्यों से काफी समृद्ध रहा है। राज्य में पहले भी 'थालिक्कु थंगम' (विवाह के लिए सोना) और मूवलूर रामामिरथम अम्मैयार स्मृति विवाह सहायता योजना जैसी योजनाएं संचालित रही हैं, जिनके तहत नकद सहायता के साथ-साथ सोने का सिक्का दिया जाता था।

बाद के वर्षों में जब कुछ योजनाओं को उच्च शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहन देने वाली 'पुधुमाई पेन' योजना (मासिक 1000 रुपये वित्तीय सहायता) में रूपांतरित किया गया, तब पारंपरिक विवाह सहायता की मांग लगातार उठती रही। 'अन्नन सीर' योजना उसी सामाजिक आवश्यकता की पूर्ति के रूप में सामने आई है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को विदाई के समय राज्य सरकार एक भाई की तरह खड़ा होकर सम्मानजनक उपहार उपलब्ध कराती है।

  • पात्रता की मुख्य शर्तें और नियम

योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं:

मूल निवासी: दुल्हन और उसका परिवार तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

आयु सीमा: विवाह के समय दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए।

आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा (BPL) अथवा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मानकों के दायरे में होनी चाहिए।

शिक्षा की अनिवार्यता: बाल विवाह पर रोक और महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए दुल्हन का न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक रखा गया है (अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए प्राथमिक शिक्षा की छूट का प्रावधान संभव है)।

विवाह पंजीकरण: विवाह का कानूनी रूप से पंजीकृत होना या संबंधित स्थानीय निकाय अथवा ग्राम पंचायत से विधिवत प्रमाणित होना अनिवार्य होगा।

  • आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन

इच्छुक परिवारों को विवाह की निर्धारित तिथि से कम से कम 30 से 45 दिन पूर्व स्थानीय ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (VAO), खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या राज्य के ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।

सत्यापन के लिए निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, शैक्षणिक अंकतालिका और विवाह का निमंत्रण पत्र अथवा विवाह पंजीकरण का शपथ पत्र आवश्यक होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विवाह समारोह के दौरान अथवा उससे ठीक पहले यह उपहार किट सीधे लाभार्थी कन्या को सौंपी जाएगी।

इस योजना का दोहरा लाभ राज्य की अर्थव्यवस्था और समाज को मिलेगा। एक तरफ जहां गरीब परिवारों को अपनी बेटियों की शादी में सोने की भारी लागत से मुक्ति मिलेगी और उन्हें साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज नहीं लेना पड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर सिल्क साड़ियों की सरकारी खरीद से तमिलनाडु के पारंपरिक हथकरघा बुनकरों को साल भर नियमित रोजगार और उचित पारिश्रमिक प्राप्त होगा। सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक परंपरा के इस अनूठे संगम को जनमानस में व्यापक सराहना मिल रही है।

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