Lucknow: कर्तव्य पथ पर मंत्रमुग्ध दिखे दर्शक, उत्तर प्रदेश की झांकी ने बटोरी खूब सराहना। 

गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत उत्तर प्रदेश की झांकी ने परेड स्थल पर मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री योगी

By INA News Desk
Jan 27, 2026 - 22:35  · Updated: Jan 27, 2026 - 23:49
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Lucknow: कर्तव्य पथ पर मंत्रमुग्ध दिखे दर्शक, उत्तर प्रदेश की झांकी ने बटोरी खूब सराहना। 
कर्तव्य पथ पर मंत्रमुग्ध दिखे दर्शक, उत्तर प्रदेश की झांकी ने बटोरी खूब सराहना। 
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  • उत्तर प्रदेश की झांकी ने परेड स्थल पर मौजूद दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
  • कालिंजर दुर्ग से ब्रह्मोस तक, विरासत और विकास के संगम ने खींचा सबका ध्यान
  • बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली/लखनऊ। गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत उत्तर प्रदेश की झांकी ने परेड स्थल पर मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन  में तैयार की गई इस झांकी में बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का ऐसा प्रभावशाली समन्वय देखने को मिला, जिसने शुरुआत से अंत तक दर्शकों का ध्यान बांधे रखा।

जैसे ही उत्तर प्रदेश की झांकी कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ी, दर्शक दीर्घा में उत्साह और जिज्ञासा साफ दिखाई दी। कैमरों की फ्लैश, मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करते लोग और तालियों की गूंज यह दर्शा रही थी कि यह प्रस्तुति दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ रही है।

  • कालिंजर दुर्ग ने जीवंत की ऐतिहासिक विरासत

झांकी के अग्रभाग में कालिंजर दुर्ग की शैल-कला और एकमुख लिंग की प्रस्तुति ने बुंदेलखंड की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया। इस हिस्से ने उत्तर प्रदेश की हजारों वर्षों पुरानी विरासत की भव्यता को प्रभावी ढंग से सामने रखा, जिसे देखकर दर्शक ठहरकर झांकी को निहारते नजर आए।

  • ओडीओपी और हस्तशिल्प ने खींचा आकर्षण

झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड की मृद्भांड कला, मनका शिल्प और पारंपरिक हस्तशिल्प को दर्शाया गया। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के अंतर्गत प्रस्तुत इन कलाओं ने क्षेत्र की आत्मनिर्भरता और कारीगरी की समृद्ध परंपरा को उजागर किया। इस भाग में झांकी की गति के साथ-साथ दर्शकों की निगाहें भी थमी रहीं।

  • लोकनृत्य और पर्यटन से झलकी सांस्कृतिक जीवंतता

बुंदेली लोकनृत्यों की रंगीन प्रस्तुतियों ने झांकी में ऊर्जा और उत्सवधर्मिता भर दी। कलाकारों की सजीव मुद्राएं और पारंपरिक वेशभूषा बुंदेलखंड के लोकजीवन और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करती नजर आईं। नीलकंठ महादेव मंदिर और कालिंजर दुर्ग की स्थापत्य झलकियों ने पर्यटन और आस्था के संगम को उकेरा।

  • आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा ने बढ़ाया गौरव

झांकी के अंतिम हिस्से में ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक ने उत्तर प्रदेश के नए स्वरूप को दर्शाया। विरासत से आधुनिकता की इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

  • विरासत और विकास की एकजुट तस्वीर

पूरी झांकी के दौरान दर्शक लगातार झांकी के हर हिस्से को ध्यान से देखते नजर आए। परंपरा और प्रगति के इस संतुलित संगम ने उत्तर प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त किया। बुंदेलखंड की यह झांकी गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और विकासशील छवि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रही।

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