Lucknow: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक संपन्न। 

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक आयोजित की

Jan 5, 2026 - 21:40
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Lucknow: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक संपन्न। 
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक संपन्न। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में निर्देश दिए कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के साथ तेजी से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को नल कनेक्शन से आच्छादित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शेष स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची शीघ्र मिशन को उपलब्ध कराने तथा इन्हें प्राथमिकता पर नल कनेक्शन प्रदान करने के निर्देश दिए।    

उन्होंने भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, जैसे बाढ़ एवं सूखा प्रभावित क्षेत्र, जे.ई./ए.ई.एस. प्रभावित जनपद, सांसद आदर्श ग्राम एवं अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल क्षेत्रों में योजनाओं के कार्य को वरीयता पर पूर्ण कराने के भी सख्त निर्देश दिए। बैठक में जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संदर्भ में, जल जीवन मिशन (जल गुणवत्ता अनुश्रवण एवं निगरानी) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के सभी ग्रामों में प्रशिक्षित महिलाओं (FTK Users) के माध्यम से समुदाय स्तर पर जल परीक्षण हेतु एफटीके (Arsenic Kit, Without Arsenic Kit & H2S Vials) की आपूर्ति करने तथा NABL Accredited State Lab से Bacteriological Testing कराने के निर्देश दिए गए। दूषित नमूनों पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत योजनाओं के निर्माण कार्य हेतु एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों की समयावधि को दिसंबर 2027 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों के कुल 97,070 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल योजनाओं से आच्छादित किया जा चुका है। सभी जनपदों से इस आशय का प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुका है तथा वर्तमान में पुनः प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के 2,67,20,930 ग्रामीण परिवारों की तुलना में 30 नवंबर 2025 तक 2,42,74,000 (90.84%) परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के 1,16,524 विद्यालयों में से 1,16,340 (99.84%) तथा 1,56,304 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1,55,136 (99.25%) को नल कनेक्शन से आच्छादित किया जा चुका है।

पेयजल गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रदेश में 01 राज्य स्तरीय एवं 75 जनपदीय प्रयोगशालाएं संचालित हैं। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला को Chemical एवं Bacteriological पैरामीटर्स में तथा जनपदीय प्रयोगशालाओं को Chemical पैरामीटर्स में NABL मान्यता प्राप्त है। बुंदेलखंड क्षेत्र के 09 जनपदों में 62 WTP पर जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से 60 क्रियाशील हैं तथा 43 को Chemical पैरामीटर्स में NABL मान्यता प्राप्त है।समस्त जनपदों में फील्ड टेस्ट किट (FTK) से जल जांच हेतु लगभग 05 लाख ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनके माध्यम से परीक्षण डाटा WQMIS पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इन महिलाओं को प्रति टेस्ट ₹20 (अधिकतम ₹400 मासिक) मानदेय के रूप में अब तक ₹5.69 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। बैठक में अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव,  प्रबंध निदेशक जल निगम (ग्रामीण) डॉ0 राज शेखर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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