दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को संवार रही योगी सरकार: 21 विशेष विद्यालयों में आधुनिक पढ़ाई, 16 को मिला आईएसओ प्रमाणन

उत्तर प्रदेश में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित 21 विशेष विद्यालयों में 1464 छात्र अध्ययनरत हैं। 16 विद्यालयों को आईएसओ प्रमाणन मिला है।

By INA News Desk
Nov 2, 2026 - 21:48
7 Views
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को संवार रही योगी सरकार: 21 विशेष विद्यालयों में आधुनिक पढ़ाई, 16 को मिला आईएसओ प्रमाणन
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर सुलभ कराने के उद्देश्य से संचालित विशेष विद्यालयों की व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत संचालित 21 विशेष शिक्षण संस्थानों में वर्तमान में 1464 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों की शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष पाठ्यक्रम और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों के लिए चार अलग-अलग प्रारूपों में राजकीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इनमें शारीरिक अक्षमता से प्रभावित बच्चों के लिए 'प्रयास', मूक-बधिर बच्चों के लिए 'संकेत', मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त विद्यार्थियों के लिए 'ममता' और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए 'स्पर्श' विद्यालय शामिल हैं। इन सभी परिसरों में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुकूल प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षण एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

शैक्षणिक गुणवत्ता और बेहतर परिसर प्रबंधन के मानकों पर खरा उतरते हुए प्रदेश के 21 में से 16 विशेष विद्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) का प्रमाणन प्राप्त कर लिया है। इन संस्थानों में प्राथमिक से लेकर उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई कराई जा रही है। बच्चों को आधुनिक तकनीकी परिवेश से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं, जिससे दृश्य-श्रव्य माध्यमों के जरिए शिक्षण प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बन सकी है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक राजेश कुमार सिंह के अनुसार, शासन की प्राथमिकता विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। व्यवस्थित प्रबंधन, तकनीकी उपकरणों और आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे शिक्षा पूरी करने के बाद स्वावलंबी जीवन व्यतीत कर सकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement