यूपी में निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद, आईआईडीसी ने दिए तय समय में स्वीकृतियों के निर्देश
यूपी में निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए उच्चस्तरीय बैठक। आईआईडीसी दीपक कुमार ने तय समयसीमा में स्वीकृतियां देने और समस्याएं सुलझाने के दिए कड़े निर्देश।
राज्य को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से शासन ने निवेश परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है। लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय संचालन समिति की बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की औद्योगिक परियोजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का समाधान तय समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए और सभी आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को गति दी जाए।
शासन की मंशा निवेश समझौतों को कागजों से आगे ले जाकर तेजी से धरातल पर क्रियान्वित करने की है, जिससे आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो सके और स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार खुलें। इसी क्रम में परियोजनाओं की स्थापना में पेश आ रही व्यावहारिक अड़चनों का बिंदुवार विश्लेषण किया गया। औद्योगिक विकास आयुक्त ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाया जाए, लंबित फाइलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो और निवेशकों को बुनियादी ढांचे से लेकर नियामकीय अनुमतियों तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अंतर-विभागीय समन्वय और प्रशासनिक जवाबदेही से ही अनावश्यक देरी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा, रियल एस्टेट, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा, प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क, खाद्य प्रसंस्करण, होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के मुद्दों पर विस्तार से विमर्श हुआ। इनमें भूमि उपयोग परिवर्तन, वैधानिक मंजूरियों, देय शुल्क में छूट, वित्तीय अनुदान की प्रतिपूर्ति और जलापूर्ति व विद्युत जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए समन्वित कदम उठाने की रणनीति बनी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, पावर कॉरपोरेशन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण, वन, राजस्व, उद्यान तथा आवास विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। बैठक के दौरान इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपने स्तर पर लंबित आवेदनों का नियमित अनुश्रवण करें, ताकि प्रदेश का उद्योग अनुकूल माहौल और अधिक मजबूत हो सके।
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