उत्तर प्रदेश ने सूरत के कपड़ा उद्योगपतियों को दिया न्योता: पीएम मित्र पार्क और तकनीकी वस्त्रों में निवेश पर बढ़ा कदम
उत्तर प्रदेश में कपड़ा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी ने सूरत के कपड़ा कारोबारियों से संवाद किया। जानिए पीएम मित्र पार्क और निवेश की बड़ी बातें।
उत्तर प्रदेश में कपड़ा निर्माण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और राज्य में औद्योगिक पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने गुजरात के प्रमुख व्यापारिक केंद्र सूरत में कपड़ा उद्योग के प्रमुख उद्यमियों से सीधा संवाद स्थापित किया है। मैन-मेड टेक्सटाइल्स रिसर्च एसोसिएशन के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की टीम ने कपड़ा कारोबारियों को प्रदेश में अपनी नई इकाइयां लगाने और मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।
सूरत प्रवास के दौरान इन्वेस्ट यूपी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से भी शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में कपड़ा उद्योग को मजबूती देने तथा लखनऊ-हरदोई सीमा पर आकार ले रहे पीएम मित्र पार्क के तेजी से विकास को लेकर केंद्र सरकार के सहयोग पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी वस्त्रों, स्मार्ट फैब्रिक्स और सुरक्षा क्षेत्र के लिए तैयार किए जाने वाले विशेष कपड़ों जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों में निवेश की अपार संभावनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई। शोध संस्थानों और औद्योगिक घरानों के बीच साझा सहयोग बढ़ाने, नवीनतम तकनीकों को वास्तविक उत्पादन से जोड़ने और नए अनुसंधानों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की गई।
कृत्रिम धागों और वस्त्रों के उत्पादन में देश के अग्रणी केंद्र सूरत की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित होते विशाल औद्योगिक ढांचे का यह समन्वय देश की आंतरिक आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाने के साथ-साथ नए रोजगार और व्यावसायिक अवसरों का सृजन करेगा।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश में कपड़ा मशीनरी के निर्माण को प्रोत्साहन देने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और शोध-विकास के क्षेत्र को व्यापक बनाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कपड़ा क्षेत्र में विदेशी सामान पर निर्भरता कम करने और मेक इन इंडिया को नई मजबूती देने के लिए केंद्र, राज्यों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल बेहद आवश्यक है।
इन्वेस्ट यूपी के उप महाप्रबंधक मनीष गुप्ता के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के पास उपलब्ध कुशल कारीगरों, औद्योगिक जमीनों की उपलब्धता, बने-बनाये टेक्सटाइल क्लस्टर्स, विश्वस्तरीय यातायात कनेक्टिविटी और निवेशक-अनुकूल नीतियों को उद्यमियों के सामने प्रस्तुत किया। राज्य सरकार अपनी विशेष औद्योगिक नीतियों और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से नए उद्योग लगाने वाले सभी निवेशकों को हरसंभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है।
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