यूपी में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू: कॉमन धान पर ₹2441 और ग्रेड ए पर ₹2461 MSP, 48 घंटे में भुगतान
पूर्वी उत्तर प्रदेश, लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। 4195 क्रय केंद्र तैयार, 48 घंटे के भीतर किसानों को डीबीटी से होगा भुगतान।
खरीफ विपणन वर्ष के तहत उत्तर प्रदेश के पूर्वी संभागों सहित लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जनपदों में 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह खरीद अभियान 28 फरवरी तक निरंतर जारी रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि के तहत इस वर्ष कॉमन श्रेणी के धान के लिए 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिला प्रशासनों और संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर आने वाले अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी रखी जाएं।
राज्य सरकार ने इस सत्र में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का प्रस्तावित लक्ष्य तय किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड 62 लाख मीट्रिक टन धान क्रय किया था। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की पूर्ति के लिए 8 प्रमुख क्रय एजेंसियों के तहत कुल 4,500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से 4,195 क्रय केंद्र पूरी तरह सक्रिय किए जा चुके हैं।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बिचौलियों के हस्तक्षेप को समाप्त करने के लिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की उपज खरीद के उपरांत 48 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, किसानों को राहत देते हुए उतराई, छनाई और सफाई मद में 20 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान की जाएगी। बदलते मौसम के मद्देनजर क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने, पेयजल और छाया के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
पहले चरण में पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभागों में खरीद शुरू की जा रही है। साथ ही लखनऊ संभाग के अंतर्गत लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जनपदों को भी इसमें शामिल किया गया है।
योजना के प्रति किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और अब तक 38 हजार से अधिक किसान अपनी उपज बिक्री के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। जो कृषक अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं करा सके हैं, वे खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल अथवा किसान मित्र मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। बिक्री के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई या शिकायत की स्थिति में किसान विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, जहां अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
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