UP Assembly Election 2027: सहारनपुर में गरजे असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम ने फूंका चुनावी बिगुल, गठबंधन के दिए संकेत

UP Election 2027: सहारनपुर रैली में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व और शिक्षा का मुद्दा उठाया। पार्टी ने गठबंधन के संकेत भी दिए।

Jul 19, 2026 - 14:51
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UP Assembly Election 2027: सहारनपुर में गरजे असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम ने फूंका चुनावी बिगुल, गठबंधन के दिए संकेत
सहारनपुर के 62 फुट रोड पर आयोजित जनसभा के मंच से जनता को संबोधित करते ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी।

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जमीन पर आगामी चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव के अभियान का औपचारिक आगाज कर दिया है। क्षेत्र के चिलकाना बस अड्डे के पास स्थित मैदान में आयोजित इस रैली में पार्टी समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर एआईएमआईएम ने अपने दम पर स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व विकसित करने की बात कही, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दूसरे राजनीतिक दलों के साथ हाथ मिलाने के विकल्प को भी खुला रखने की बड़ी रणनीति सामने रखी है।

पार्टी के संगठनात्मक नेतृत्व और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मेहताब चौहान ने इस दौरान साफ किया कि उनकी पार्टी राज्य में एक मजबूत विकल्प तैयार करने के हक में है। उन्होंने कहा कि यदि सूबे में किसी गठबंधन के तहत पार्टी को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलती है, तो वे मिलकर चुनाव लड़ेंगे। ऐसा न होने की स्थिति में पार्टी ने प्रदेश की लगभग दो सौ विधानसभा सीटों पर अपने स्वतंत्र उम्मीदवार उतारने की पूरी तैयारी कर रखी है। जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी मुख्य कोशिश एक ऐसा स्वतंत्र राजनीतिक मंच और नेतृत्व तैयार करने की है, जो बिना किसी दबाव के जनता के अधिकारों की बात सदन में मजबूती से रख सके। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों को भी याद किया।

चुनावी सभा में ओवैसी ने सामाजिक तरक्की के लिए शिक्षा को सबसे जरूरी हथियार बताया और इस मोर्चे पर राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ में पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के युवाओं में उच्च शिक्षा का स्तर काफी कम है, जिसे सुधारने की तुरंत जरूरत है। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने या उन्हें बंद करने के बजाय उनके नियमों को आसान बनाकर नियमित करने का काम करना चाहिए ताकि गरीब छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। इस बड़े सियासी मंच पर जिला अध्यक्ष वसीम अहमद, स्थानीय प्रत्याशी मरगूब हसन, अमीर अहमद, मोहम्मद अमजद और साजिद हसन सहित बड़ी संख्या में पार्टी के मुख्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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