UP RIDF Nabard Projects Review: यूपी में 3000 करोड़ की आरआईडीएफ योजनाओं की समीक्षा, मुख्य सचिव के कड़े निर्देश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने आरआईडीएफ परियोजनाओं की समीक्षा की। नाबार्ड ने यूपी के लिए 3,000 करोड़ का फंड आवंटित किया है, कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प के लिए संचालित योजनाओं की रफ्तार तेज करने को लेकर शासन स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समिति की समीक्षा बैठक में ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत जारी विकास कार्यों का खाका तैयार किया गया। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और विभागों को सख्त ताकीद की कि चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं के वित्तीय तथा भौतिक लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हासिल करना सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर प्रदेश के गांवों में सड़कें, बुनियादी सुविधाएं और जन-कल्याणकारी ढांचे का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए नाबार्ड और विभागीय व्यवस्थाओं के बीच बेहतर सामंजस्य पर जोर दिया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं का प्राथमिकताकरण, प्रतिपूर्ति दावे और काम पूरा होने के प्रमाणपत्र नाबार्ड को समय पर भेजे जाने चाहिए। इसके साथ ही, पारदर्शी और सटीक अनुश्रवण व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से नाबार्ड को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण राज्य के विभिन्न विभागों के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि डेटा का तुरंत आदान-प्रदान और प्रगति की निगरानी सुगम हो सके।
बैठक में विशेष रूप से उन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया जो अभी धरातल पर शुरू नहीं हो सकी हैं या जिनकी रफ्तार धीमी है। मुख्य सचिव ने ऐसी सुस्त परियोजनाओं की अड़चनों को तत्काल दूर कर काम शुरू कराने तथा पात्र दावों का समय से निपटारा कराने के आदेश दिए। इस दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश में आरआईडीएफ के तहत नई विकास योजनाओं के लिए 3,000 करोड़ रुपये की विशाल राशि आवंटित की गई है, जिसमें से 377 करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न विभागों को संवितरित भी की जा चुकी है।
What's Your Reaction?



