देश की 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक पहलों में यूपी के 3 मॉडल शामिल: सौर सिंचाई, महिला FPO और बायोफ्लॉक को मिली राष्ट्रीय पहचान

कैबिनेट सचिवालय की 27 सर्वश्रेष्ठ पहलों में यूपी ग्रामीण आजीविका मिशन के तीन मॉडल शामिल। बहराइच, मिर्जापुर और गोरखपुर की पहलों का केंद्रीय टीम ने किया सत्यापन।

By INA News Desk
Oct 26, 2026 - 22:53
5 Views
देश की 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक पहलों में यूपी के 3 मॉडल शामिल: सौर सिंचाई, महिला FPO और बायोफ्लॉक को मिली राष्ट्रीय पहचान
Advertisement
Advertisement

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास, तकनीकी नवाचार और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय पटल पर बड़ी पहचान मिली है। भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा देशभर से चयनित 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक पहलों में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तीन उत्कृष्ट मॉडलों को शामिल किया गया है। इनमें बहराइच का सौर ऊर्जा आधारित सामुदायिक आजीविका मॉडल, मिर्जापुर का पूर्णतः महिला संचालित किसान उत्पादक संगठन (FPO) और गोरखपुर का आधुनिक बायोफ्लॉक मत्स्य पालन मॉडल शामिल हैं। इन पहलों के धरातलीय प्रभाव और कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार की टीम ने स्थलीय सत्यापन पूरा किया।

कैबिनेट सचिवालय द्वारा देश के सभी राज्यों से सुशासन और सर्वोत्तम प्रशासनिक पहलों की जानकारी मांगी गई थी, जिनमें से श्रेष्ठ 27 पहलों का चयन किया गया। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के सहयोग से इन मॉडलों के सत्यापन हेतु अधिकारियों की टीमें भेजी गईं। इसी क्रम में कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी के नेतृत्व में केंद्रीय दल ने उत्तर प्रदेश के तीनों संबंधित जनपदों का विस्तृत भ्रमण किया और परियोजनाओं की समीक्षा की।

बहराइच: सौर ऊर्जा से 100 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई

केंद्रीय दल ने 14 अक्टूबर को बहराइच के विकासखंड मिहिनपुरवा की ग्राम पंचायत घूमना भारू का निरीक्षण किया। यहां ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) के सहयोग से 43 किलोवाट पीक क्षमता का सामुदायिक सोलर माइक्रोग्रिड स्थापित किया गया है। इस परियोजना के जरिए 200 से अधिक परिवारों की 100 एकड़ कृषि भूमि को 10 सौर पंपों की मदद से निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही स्थानीय ग्राम विद्युत समिति द्वारा ई-रिक्शा, ई-स्कूटी और मोबाइल चार्जिंग जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आजीविका के नए साधन उपलब्ध हुए हैं।

मिर्जापुर: 1,221 महिलाओं द्वारा संचालित किसान उत्पादक संगठन

केंद्रीय दल ने 19 अक्टूबर को मिर्जापुर के छानबे विकासखंड स्थित छनवर एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का स्थलीय निरीक्षण किया। वर्ष 2022-23 में स्थापित इस संगठन की पूरी कमान महिलाओं के हाथों में है और वर्तमान में 1,221 महिला शेयरधारक इससे जुड़ी हैं। यह एफपीओ कृषि उपज के विपणन, जैविक खाद निर्माण और आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। महिलाओं ने हाल ही में 25 मीट्रिक टन गेहूं की सफल आपूर्ति की है। लगभग 10.50 लाख रुपये का व्यावसायिक मार्जिन अर्जित कर यह संगठन अपनी सभी सदस्यों को 'लखपति दीदी' बनाने की दिशा में अग्रसर है। दल ने स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए संचालित 'विंध्य मार्ट' का भी अवलोकन किया।

गोरखपुर: बायोफ्लॉक तकनीक से मत्स्य पालन कर रहीं महिलाएं

26 अक्टूबर को केंद्रीय टीम ने गोरखपुर के खजनी विकासखंड की ग्राम पंचायत छताही का दौरा किया। यहां 'जल परी प्रेरणा महिला मत्स्य उत्पादक समूह' से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आधुनिक बायोफ्लॉक तकनीक का उपयोग कर वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर रही हैं। गांव में स्थापित 5 बायोफ्लॉक इकाइयों के जरिए महिलाएं सीमित जल और नियंत्रित वातावरण में बेहतर उत्पादन ले रही हैं और भविष्य में इन इकाइयों के विस्तार की तैयारी में हैं।

अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बने उत्तर प्रदेश के मॉडल

परियोजनाओं के निरीक्षण के उपरांत कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश के इन मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और महिला नेतृत्व वाले किसान संगठन ऐसे नवाचार हैं, जिनका अनुसरण अन्य राज्य भी अपने यहां कर सकते हैं। इन पहलों को सफल बनाने में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला प्रशासन, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया और महिला स्वयं सहायता समूहों का समन्वित योगदान रहा है। निरीक्षण के दौरान एनसीजीजी के युवा पेशेवर गणेश महालावत, यूपीएसआरएलएम प्रतिनिधि राजीव कुमार त्रिपाठी सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement