जीसीसी का प्रमुख केंद्र बनेगा यूपी- माइक्रोसॉफ्ट, एलजी और एचसीएल ने सराहा निवेश माहौल, सीएम योगी ने जारी किया श्वेतपत्र
लखनऊ में आयोजित जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 में माइक्रोसॉफ्ट, एलजी, स्मार्टवर्क्स और एचसीएल ने यूपी की नीतियों की सराहना की। सीएम योगी ने एआई श्वेतपत्र जारी किया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। लखनऊ में आयोजित 'जीसीसी इनोवेशन समिट 2026' के दौरान विश्वस्तरीय कॉर्पोरेट दिग्गजों ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, सुदृढ़ कानून व्यवस्था, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन की खुलकर सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टवर्क्स, माइक्रोसॉफ्ट और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने अपने निवेश अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और उद्योग-अनुकूल कार्यशैली बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एचसीएल और आईआईटी कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किए गए विशेष श्वेतपत्र ‘द ट्रू इकोनॉमिक्स ऑफ एआई अडॉप्शन इन जीसीसी’ का औपचारिक विमोचन भी किया।
एलजी इको सॉल्यूशंस करेगा ₹634 करोड़ का निवेश
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रतिनिधि बृजेश शर्मा ने घोषणा की कि कंपनी अपने 'इको सॉल्यूशंस जीसीसी' के लिए ₹634 करोड़ का निवेश कर रही है, जिसका परिचालन इसी वर्ष के अंत तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है। यह केंद्र एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन व एयर कंडीशनिंग) और हीट पंप तकनीक पर आधारित उन्नत उत्पाद विकास पर केंद्रित होगा। इस परियोजना से उच्च-कौशल वाले 500 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। भविष्य में इस केंद्र में एआई-आधारित डेटा सेंटर कूलिंग तकनीकों पर भी शोध और नवाचार का विस्तार किया जाएगा।
लखनऊ में दो लाख वर्ग फुट में स्मार्टवर्क्स का जीसीसी हब
स्मार्टवर्क्स के सह-संस्थापक हर्ष बिनानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जीसीसी सेक्टर की विशाल संभावनाओं को समय रहते भांपा। उन्होंने बताया कि स्मार्टवर्क्स नोएडा में 20 लाख वर्ग फुट से अधिक कार्यक्षेत्र का प्रबंधन कर रही है, जहां 110 से ज्यादा कंपनियां संचालित हैं। अब कंपनी ने लखनऊ के बीबीडी टाइम्स स्क्वायर में 2 लाख वर्ग फुट का समर्पित जीसीसी हब तैयार किया है। देश भर के 2,100 से अधिक जीसीसी में 23 लाख से ज्यादा पेशेवर काम कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में इनका विस्तार लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों के स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के करियर विकल्प उपलब्ध कराएगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने सराहा यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभा पूल
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के प्रतिनिधि राजीव कुमार ने बताया कि कुशल प्रतिभा और प्रशासनिक सहयोग के कारण ही कंपनी ने नोएडा में अपनी उपस्थिति को मजबूती से स्थापित किया। तत्कालीन नोएडा प्राधिकरण नेतृत्व के साथ त्वरित समन्वय से मात्र छह सप्ताह में नया सेक्टर और भूमि आवंटन का कार्य संभव हुआ। पहले वर्ष 600 कर्मचारियों से शुरू होकर आज नोएडा केंद्र में लगभग 3,000 पेशेवर कार्यरत हैं। लगभग ₹2,500 करोड़ के कुल निवेश से विकसित हो रहा कैंपस विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जो माइक्रोसॉफ्ट के कोर उत्पादों जैसे एमएस वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और कोपायलट के नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एचसीएल के लखनऊ परिसर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
एचसीएल टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधि किरण चेरुकुरी ने प्रदेश की समर्पित जीसीसी नीति और समयबद्ध निवेश प्रोत्साहनों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एक दशक पूर्व स्थापित लखनऊ कैंपस में आज 1,500 से अधिक दक्ष पेशेवर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि एचसीएल ने अपने लखनऊ परिसर में अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के सहयोग से एआई-संचालित जीसीसी 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किया है। यह केंद्र अत्याधुनिक क्लाउड और कंप्यूटिंग क्षमताओं के बल पर नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना और उनके संचालन को तेज गति प्रदान करेगा।
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