यूपी में नगर विकास विभाग की OTS योजना को मिला बंपर समर्थन, 1.33 लाख आवेदकों को मिली ₹116 करोड़ की राहत
यूपी के सभी 762 नगरीय निकायों में ओटीएस योजना को जबरदस्त समर्थन। गृहकर, जलकर और सीवरकर बकाये पर मिली ₹116 करोड़ की राहत, 15 दिसंबर 2026 तक उठाएं लाभ।
उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों को वित्तीय दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने और नागरिकों को वर्षों पुराने कर बकायों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए योगी सरकार द्वारा लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को प्रदेश भर में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों (17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत) में संचालित इस कल्याणकारी योजना के तहत अब तक 1,71,166 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से विभागीय सत्यापन के उपरांत 1,33,589 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 34,801 आवेदन त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया में हैं।
योजना के माध्यम से लंबित गृहकर (हाउस टैक्स), जलकर (वॉटर टैक्स) और सीवरकर के भारी-भरकम बकायों पर ब्याज व पेनल्टी में ऐतिहासिक छूट प्रदान की जा रही है। अब तक दर्ज 312.94 करोड़ रुपये के कुल मांग के सापेक्ष 72.96 करोड़ रुपये के बकाए की वसूली सुनिश्चित की जा चुकी है। वहीं, योजना की पारदर्शी नीति के तहत 1,33,589 पात्र लाभार्थियों को कुल 116.43 करोड़ रुपये की सीधी वित्तीय राहत दी गई है। आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से प्रत्येक करदाता को औसतन लगभग 8,715.37 रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई है।
आवासीय संपत्तियों के सर्वाधिक आवेदन
नगरीय निकायों से प्राप्त कुल आवेदनों में सबसे बड़ा हिस्सा मध्यम व सामान्य वर्ग के आवासीय भवन स्वामियों का है। अब तक प्राप्त कुल आवेदनों में से 1,42,274 आवेदन सीधे आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। इसके अलावा 15,999 आवेदन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा 12,889 आवेदन अन्य विभिन्न श्रेणी की संपत्तियों के लिए दर्ज किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि आम शहरी नागरिकों को इस योजना से सीधा आर्थिक संबल मिला है।
तीन किस्तों में भुगतान और 15 दिसंबर तक अवसर
करदाताओं की वित्तीय सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार ने बकाया राशि को अधिकतम तीन आसान किस्तों में जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इससे एकमुश्त भारी रकम चुकाने में असमर्थ नागरिकों को पुराने बकायों के समाधान में बड़ी सहूलियत मिली है। 15 अगस्त 2026 से प्रारंभ हुई यह योजना आगामी 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
विशेष शिविरों से जागरूकता और ऑनलाइन सुविधा
नगर विकास विभाग द्वारा सभी निकायों में विशेष हेल्प डेस्क और जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों को पात्रता, छूट के प्रतिशत और आवेदन की प्रक्रिया समझाई जा रही है। प्रक्रिया को बिचौलियों से मुक्त और पूरी तरह डिजिटल रखने के लिए विभागीय पोर्टल (upulbots.in) सक्रिय है। विभाग ने शेष करदाताओं से अपील की है कि वे 15 दिसंबर की अंतिम समयसीमा से पूर्व योजना का लाभ उठाकर अपने कर बकायों का शांतिपूर्ण निस्तारण कराएं।
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