यूपी में वन्यजीव सप्ताह का आगाज: 12 वर्ष तक के बच्चों को चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश, होंगे कई रोचक मुकाबले
उत्तर प्रदेश में वन्यजीव सप्ताह के दौरान 12 वर्ष तक के बच्चों को चिड़ियाघरों में मिलेगा मुफ्त प्रवेश। जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में होंगी रोचक प्रतियोगिताएं।
उत्तर प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से पूरे राज्य में वन्यजीव सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत आम जनमानस और विशेष रूप से नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने के लिए प्रदेश के प्रमुख प्राणि उद्यानों में बारह वर्ष तक के स्कूली बच्चों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क कर दिया गया है। लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर के प्राणि उद्यानों में आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस और परिचय पत्र के साथ निशुल्क भ्रमण की सुविधा मिलेगी।
राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत बरेली में वन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉक्टर अरुण कुमार सक्सेना द्वारा 'वाकथॉन फॉर वाइल्डलाइफ' के माध्यम से की जाएगी। इसका प्राथमिक लक्ष्य समाज के हर वर्ग को पशु कल्याण और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही जंगलों के आसपास और ग्रामीण अंचलों में वन्यजीवों के संभावित खतरों और उनसे बचाव के वैज्ञानिक तौर-तरीकों की जानकारी देकर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की तैयारी है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रामकुमार के अनुसार जनपद और तहसील स्तर पर विद्यालयों में वन्यजीव व पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। राज्य पक्षी सारस, राज्य पशु बारहसिंघा, राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन और सर्पों के पारिस्थितिकी महत्व को समझाने के लिए शिक्षण संस्थानों में संवाद स्थापित किया जाएगा।
राजधानी लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के निदेशक संजय कुमार विश्वाल ने बताया कि सारस प्रेक्षागृह में राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद स्कूली विद्यार्थियों के लिए तीन आयु वर्गों में मास्क मेकिंग, वन्यजीवों के छद्म आवरण व अनुकरण पर चित्रकला, 'यदि वन्यजीव बोल पाते तो...' विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक, फैंसी ड्रेस, फेस पेंटिंग, रंगोली और मेहंदी जैसी अनेक रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चे वन्यजीव संसार के प्रति अपने विचार व्यक्त करेंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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