यूपी के पारंपरिक व्यंजनों को मिला वैश्विक मंच: ट्रेड शो में ₹66 करोड़ से अधिक का कारोबार, वालमार्ट वृद्धि से हुआ करार

उत्तर प्रदेश की एक जिला, एक व्यंजन पहल को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार। ट्रेड शो में 66 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार और वालमार्ट वृद्धि से अहम समझौता।

By INA News Desk
Oct 1, 2026 - 22:16
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यूपी के पारंपरिक व्यंजनों को मिला वैश्विक मंच: ट्रेड शो में ₹66 करोड़ से अधिक का कारोबार, वालमार्ट वृद्धि से हुआ करार
प्रतीकात्मक चित्र

उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक-पाक परंपरा और सदियों पुराने पारंपरिक खानपान को आर्थिक अवसरों से जोड़ते हुए वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के प्रयास रंग ला रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों की अनूठी पाक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से पेश किया है। इस प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान ओडीओसी ने बड़े खुदरा व तकनीकी संस्थानों जैसे वालमार्ट वृद्धि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग और बिड़ला एयरकॉन के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरआई) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) भी इस अभियान के प्रमुख साझेदार के रूप में शामिल हुए हैं, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को गुणवत्ता, मानक और पैकेजिंग के स्तर पर नया संबल मिलेगा।

व्यापार मेले के दौरान ओडीओसी मंडप में कारोबारी जगत की जबर्दस्त दिलचस्पी देखने को मिली। हॉल नंबर 16 में आयोजित इस पवेलियन में 66.49 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संचयी बी2सी और बी2बी व्यापारिक गतिविधियां दर्ज की गईं। इसमें 6.76 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष खुदरा बिक्री और 59.73 करोड़ रुपये के व्यावसायिक सौदे शामिल रहे। देश-विदेश से पहुंचे खरीदारों और उद्योगपतियों की ओर से 2,223 बी2बी व्यापारिक पूछताछ दर्ज की गईं, जो यह साबित करती हैं कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को लेकर बड़े स्तर पर मांग बन रही है। पवेलियन में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के स्वाद को 'अवध का जायका', 'ब्रज की मिठास', 'बुंदेली बहार', 'रुहेली रसधार', 'पश्चिमी परिमल' और 'पुरबिया स्वाद' जैसे विशिष्ट खंडों में बांटा गया था।

संस्थानों के साथ हुए समझौते स्थानीय खाद्य उत्पादों की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेंगे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के तकनीकी सहयोग से पारंपरिक व्यंजनों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग मानकों को लागू करने में मदद मिलेगी। वहीं सीएफटीआरआई खाद्य प्रसंस्करण के वैज्ञानिक उपाय उपलब्ध कराएगा और एफएसएसएआई खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों की निगरानी करेगा। वालमार्ट वृद्धि के साथ हुए करार से प्रदेश के सूक्ष्म व लघु खाद्य उत्पादकों को सीधे वैश्विक स्तर के विशाल वितरण तंत्र और खरीद नेटवर्क से जुड़ने का सीधा अवसर मिलेगा।

जमीनी स्तर पर काम कर रहे छोटे उद्यमियों और पारंपरिक कारीगरों के लिए यह मंच बेहद लाभदायक सिद्ध हुआ। गोंडा कचौड़ी जंक्शन को शुरुआती दिनों में ही हजारों रुपये की खुदरा बिक्री के साथ 150 से अधिक व्यावसायिक ऑर्डर और संपर्क प्राप्त हुए। उन्नाव के सक्षम एंटरप्राइजेज ने भी उल्लेखनीय कारोबार दर्ज किया। इसके अतिरिक्त आजमगढ़ की प्रसिद्ध लौंगलता, रामपुर का पारंपरिक हब्शी हलवा और अयोध्या के मिष्ठान उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और उपभोक्ताओं से भारी सराहना मिली। स्थानीय विरासत को सीधे अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और बाजार विस्तार से जोड़ने की यह पहल प्रदेश के ग्रामीण व अर्ध-शहरी उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नया मील का पत्थर साबित हो रही है।

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