यूपी में तहसील व गांव स्तर तक पहुंचेगा 'एक जनपद-एक व्यंजन' अभियान: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बोले सीएम योगी
सीएम योगी ने 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOC) अभियान को तहसील व गांव स्तर तक विस्तार देने का ऐलान किया। हलवाइयों और महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण का मिलेगा लाभ।
उत्तर प्रदेश के समृद्ध खानपान, विविधतापूर्ण पारंपरिक स्वादों और सदियों पुरानी पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन' (ओडीओसी) अभियान को अब जिला मुख्यालयों से आगे बढ़ाकर तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक क्रियान्वित किया जाएगा। गुरुवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित 'एक जनपद-एक व्यंजन' राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कोने में पारंपरिक व्यंजनों का अनूठा संसार बसा है; सरकार का संकल्प है कि इन सभी को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पैकेजिंग और सुदृढ़ ब्रांडिंग से जोड़कर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि जिस प्रकार 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश आज 2 लाख करोड़ रुपये मूल्य के स्थानीय उत्पादों का वार्षिक निर्यात कर रहा है और लगभग 80 उत्पादों को प्रतिष्ठित जीआई टैग मिल चुका है, उसी तर्ज पर ओडीओसी भी खाद्य अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का सूत्रपात करेगा। उन्होंने कहा कि बलिया का बाटी-चोखा हो या जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती, जब दुनिया की दिग्गज बहुराष्ट्रीय खाद्य कंपनियां 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर सकती हैं, तो उत्तर प्रदेश के विशुद्ध और पारंपरिक पकवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित क्यों नहीं हो सकते।
शुद्धता और गुणवत्ता को खाद्य व्यापार की पहली शर्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से मिलावट या शॉर्टकट अपनाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। भारतीय संस्कृति में 'अन्नम ब्रह्म' की मान्यता का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि जब गुणवत्ता उत्कृष्ट होगी, तो वैश्विक बाजार खुद उत्तर प्रदेश के व्यंजनों का रुख करेगा। इस दौरान उन्होंने वाराणसी की उन ऐतिहासिक दुकानों का उदाहरण दिया जो दिन में मात्र एक-दो घंटे खुलकर अपनी दैनिक बिक्री पूरी कर लेती हैं। साथ ही उन्होंने बुलंदशहर की 'अचार वाली दीदी' का प्रेरक प्रसंग साझा किया, जिन्होंने मात्र 500 रुपये से कार्य शुरू कर आज 500 महिलाओं को आजीविका प्रदान की है।
परंपरागत हलवाइयों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे चरणबद्ध ढंग से बढ़ाकर 7.5 लाख, 10 लाख और बड़े उपक्रमों के लिए 20 लाख रुपये तक विस्तारित करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ओडीओसी अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के विपुल अवसर सृजित होंगे और घर-घर में माताओं-बहनों द्वारा पीढ़ियों से सहेजा गया पाक कला का हुनर एक बड़े और सम्मानित व्यवसाय का रूप ले सकेगा।
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