काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ का समापन- आसमान में दिखा वायुसेना का शौर्य, गंगा तटों पर उमड़ा महाकुंभ जैसा जनसैलाब
वाराणसी के नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अंतिम दिन भारी जनसैलाब उमड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री की मौजूदगी में वायुसेना ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में रविवार को गंगा के घाटों पर आस्था और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नमो घाट पर आयोजित तीन दिवसीय ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अंतिम दिन ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसने प्रयागराज के महाकुंभ के विशाल समागम की यादें ताजा कर दीं। गंगा के दोनों तटों, संपर्क मार्गों से लेकर आसपास के मकानों की छतों तक केवल दर्शकों का हुजूम ही नजर आ रहा था। हर कोई गगन में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना, रफ्तार और हैरतअंगेज कलाबाजियों का प्रत्यक्षदर्शी बनने के लिए घंटों डटा रहा। हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे नागरिकों की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को राष्ट्रप्रेम और उत्सव के माहौल में रंग दिया।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य एयर शो के समापन दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। इनके अलावा तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी, कई मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी गंगा की लहरों के ऊपर आसमान में वायुसेना के शौर्य और अदम्य साहस के प्रदर्शन का अवलोकन किया।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बावजूद दर्शकों के उत्साह में रत्ती भर भी कमी नहीं आई। लोग गमछे, टोपी और छतरियों के सहारे घंटों घाटों और छतों पर खड़े रहे। जैसे ही आसमान में लड़ाकू विमानों की गूंज सुनाई देती, पूरा इलाका भारत माता के नारों से गूंज उठता। नमो घाट के अलावा चेतसिंह घाट, दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट सहित पूरे तटीय क्षेत्र में जबरदस्त रोमांच और उल्लास देखा गया।
विशाल जनसमूह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं के कड़े प्रबंध किए थे। पूरे आयोजन क्षेत्र को विभिन्न जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटकर अस्थायी थानों और नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई थी। भीड़ को सुगम आवाजाही देने के लिए घाटों के पास पेयजल, सचल शौचालय, चिकित्सा दल और ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था रखी गई।
शहर की जीवनरेखा प्रभावित न हो, इसके लिए एक सुव्यवस्थित यातायात योजना लागू की गई। यातायात को आंतरिक और बाहरी दो स्तरों में बांटकर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे हजारों दर्शकों की सुगम आवाजाही के बीच शहर की सामान्य ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह नियंत्रित और सुचारु बनी रही।
What's Your Reaction?

