Lucknow: राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान।
उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधि आज ग्राम विकास और सुशासन की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। पंचायतों में महिला
- “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों की सशक्त उपस्थिति
- महिला नेतृत्व ग्रामीण विकास की नई शक्ति, यूपी की प्रधानें बन रही हैं प्रेरणा- पंचायती राज मंत्री
- प्रदेश का मान बढ़ाने वाली महिला प्रधानों को हार्दिक बधाई-ओम प्रकाश राजभर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधि आज ग्राम विकास और सुशासन की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। पंचायतों में महिला नेतृत्व न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनभागीदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इसी क्रम में पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के अंतर्गत निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों का एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश का मान बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश से इस सम्मेलन में 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग कर प्रदेश की सशक्त पंचायत व्यवस्था और महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। यूपी से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में उत्तर प्रदेश की प्रियंका तिवारी (ग्राम पंचायत राजपुर, जनपद हाथरस), नीलम देवी (ग्राम पंचायत भरतपुर, जनपद अलीगढ़), मनु यादव (ग्राम पंचायत फौलादपुर, जनपद अमरोहा), पूनम सिंह (ग्राम पंचायत रोरी, जनपद गाजियाबाद) तथा नीलमणि राजे बुंदेला (ग्राम पंचायत छिपाई, जनपद ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार “चौंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुलेखा कुशवाहा (ग्राम पंचायत तिलसड़ा, जनपद कानपुर नगर) तथा मधु चौधरी (ग्राम पंचायत मखदुमपुर, जनपद अमरोहा) को सम्मान प्राप्त हुआ। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में रूपाली लोधी (ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा, जनपद रामपुर), हेमलता पटेल (ग्राम पंचायत सुजानपुर, जनपद फतेहपुर), कृष्णा गंगवार (ग्राम पंचायत अल्हैया, जनपद बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (ग्राम पंचायत पाला, जनपद कन्नौज) तथा माधुरी सिंह (ग्राम पंचायत थावर, जनपद लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। इन महिला प्रधानों ने अपने नेतृत्व, नवाचार और जनसेवा के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि महिला सशक्तिकरण के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। पंचायती राजमंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से न केवल गांवों के विकास की मिसाल पेश कर रही हैं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने प्रदेश का नाम रोशन करने वाली सभी महिला प्रधानों को बधाई देते हुए कहा कि उनका समर्पण और नेतृत्व गांवों के समग्र विकास को और सशक्त बनाएगा।
निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने तथा एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
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