Hardoi: 100वें नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में 18 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु चयन। 

लाला गंगाप्रसाद मानव कल्याण समिति एवं सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में समिति के परिसर में 100वां नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित

By INA News Desk
Oct 15, 2025 - 19:26
77 Views
Hardoi: 100वें नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में 18 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु चयन। 
100वें नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में 18 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु चयन। 
रिपोर्ट- मुकेश सिंह
हरदोई/संडीला। लाला गंगाप्रसाद मानव कल्याण समिति एवं सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में समिति के परिसर में 100वां नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 80 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 18 मरीजों का चयन मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु किया गया।कार्यक्रम की देखरेख समिति के अध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आर्या ने की।

शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब संडीला के अध्यक्ष मुकेश सिंह सोमवंशी तथा विशिष्ट अतिथि पत्रकार अजीत सिंह सिकरवार ने दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में गोद लिए हुए पांच क्षय रोगियों को पोषण किट समिति द्वारा प्रदान की गई।नेत्र परीक्षण शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक टीम—डॉ. शीतल रानवा, डॉ. अरुणेश मिश्रा, डॉ. इल्मा हारून, डॉ. रिषि सिंह, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. गोविंद विश्वकर्मा, डॉ. कृपालु अनामिका वर्मा, डॉ. करन कश्यप, डॉ. मानसी—ने नेत्र रोगियों का परीक्षण किया।

इसमें 16 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया, जबकि अन्य को उचित उपचार हेतु परामर्श और दवाएं प्रदान की गईं।इस शिविर में समिति के अरविंद अस्थाना, विष्णु दयाल शुक्ला, आलोक अस्थाना, नितिन शर्मा, श्रीकांत, राधेश्याम, राकेश मोहन, विनीत, शशिकांत सिंह, कुंवर सिंह, कल्पना, शिवनारायण, चमन विश्वकर्मा सहित अन्य सदस्यों ने बहुमूल्य योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

100वें शिविर पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समिति द्वारा 200 पौधे समस्त सदस्यों, पदाधिकारियों एवं चिकित्सक टीम को वितरित किए गए। अंत में, समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि मुकेश सिंह सोमवंशी तथा विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह सिकरवार को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement