UP Weather: 36 घंटे से आफत की बारिश: पानी में डूबीं धान और मूंगफली की फसलें, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
बाढ़ के बाद लगातार बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, बिजली आपूर्ति भी ठप्प, सड़कों पर बह रहा पानी, आबादी क्षेत्र में जलजमाव से लोग परेशान; फॉल्ट दुरुस्त करने में जुटे बिजली कर्मचारी
अरवल। अभी कुछ ही दिन पहले आई बाढ़ की विभीषिका से उबरे क्षेत्र के लोगों के लिए मौसम एक बार फिर आफत बनकर बरसा है। पिछले 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ की मार झेलने के बाद बची-खुची उम्मीदों पर इस बारिश ने पूरी तरह पानी फेर दिया है।
किसानों की आखिरी उम्मीद भी खत्म
क्षेत्र में बाढ़ के दौरान जिन स्थानों पर धान की फसल किसी तरह बच गई थी, वह इस लगातार बारिश के कारण या तो जमीन पर गिर गई है या गिरने की कगार पर है। धान के अलावा बाजरा, तिल और मूंगफली की फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं। क्षेत्र के श्रीमऊ, छोछपुर, अंधईया, आशापुरवा, चंद्रमपुर, पतारपुरवा, तिवारीपुरवा, खजुरियापुरवा, बेसहारा, खुर्रमपुरवा, जसापुरवा, दयालपुर, बारामऊ, दहेलिया, सुलखामऊ, निकामतपुर, उमरौली, जैतपुर, बरगदापुरवा, लालपुर, हैदराबाद, जिगनी, मंसूरपुर, देवकली, कडेरिया, नारायनपुर, तुलसीपुरवा, करनपुर और कढिलेपुरवा आदि गांवों में बाढ़ से बची फसलें भी इस बारिश की भेंट चढ़ गईं। इससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सड़कों पर पानी, घरों में घुसा बारिश का जल
लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त, सुधार में जुटे कर्मचारी
बारिश और तेज हवाओं के चलते जगह-जगह पेड़ उखड़ गए हैं और मुख्य लाइन के तार टूट गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई है। अंधेरे में डूबे गांवों की आपूर्ति बहाल करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी प्रतिकूल मौसम के बावजूद लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।
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