महाकुंभ 2025: महाआयोजन के दौरान पूरे मेला क्षेत्र में बिजली की कहीं कोई कमी नहीं होगी

इसके अंतर्गत दो नए सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि, इंटरलिंक लाइन के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।

By INA News Desk
Oct 18, 2024 - 09:21  · Updated: Oct 18, 2024 - 10:41
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महाकुंभ 2025: महाआयोजन के दौरान पूरे मेला क्षेत्र में बिजली की कहीं कोई कमी नहीं होगी

मुख्य बिंदु-

  • महाकुंभ में चुस्त-दुरुस्त होगी बिजली व्यवस्था
  • विद्युत विभाग के साथ समन्वय से मेला प्रशासन ने की व्यापक तैयारी
  • गंगापार झूसी क्षेत्र और न्यू बेली में दो नए सब स्टेशन का किया जा रहा निर्माण
  • सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि, इंटरलिंक लाइन के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर
  • विद्युत लाइन को भूमिगत करने के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा

Prayagraj News INA.

महाकुंभ 2025 में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चुस्त और दुरुस्त होगी। पूरे मेला क्षेत्र में बिजली की कहीं कोई कमी नहीं होगी, इसके लिए विद्युत विभाग के साथ समन्वय से मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। इसके अंतर्गत दो नए सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि, इंटरलिंक लाइन के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। यही नहीं विद्युत लाइन को भूमिगत करने की कार्यवाही भी जारी है। इसके साथ कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 

दो नए सब स्टेशन का निर्माण
महाकुंभ 2025 के दृष्टिगत गंगापार झूसी क्षेत्र में 132/33 के.वी. पारेषण उपकेन्द्र हेतापट्टी का निर्माण हो रहा है। यह उपकेन्द्र मेला क्षेत्र और लगभग 2.50 लाख आबादी वाले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों (आवास विकास, त्रिवेणीपुरम्, सहसों, हेतापट्टी) को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसी प्रकार, न्यू बेली उपकेन्द्र भी बन रहा है, जो बेली, म्योराबाद, कटरा और राजापुर जैसे क्षेत्रों की लगभग 1 लाख आबादी को बिजली प्रदान करेगा।

सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि
फाफामऊ उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि हो रही है, जिससे फाफामऊ बाजार, ग्रामीण क्षेत्र और शांतिपुरम् के लगभग 50 हजार निवासियों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। इसके साथ ही शहर के प्रमुख उपकेन्द्रों को इंटरलिंक लाइन के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जिससे 7 लाख लोगों को निर्बाध बिजली मिलेगी।

इंटरलिंक लाइन का निर्माण
शहर के 12 प्रमुख 33/11 के.वी. उपकेन्द्रों को जोड़ने के लिए 12 इंटरलिंक लाइनें बनाई जा रही हैं। इससे सिविल लाइन्स, बैरहना, रामबाग, हाईकोर्ट, करैली, खुशरोबाग, प्रयागराज जंक्शन, बेली और फाफामऊ जैसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होगी।

विद्युत लाइन को भूमिगत करने की कार्यवाही
एयरपोर्ट रोड, बाघम्बरी रोड और पेशवाई मार्ग की सभी एच.टी. और एल.टी. लाइनों को भूमिगत कर दिया गया है। इससे इन क्षेत्रों में सुन्दरता और दुर्घटनाओं से बचाव होगा। साथ ही, अखाड़ों की पेशवाई के दौरान बाधक बिजली लाइनों को हटाकर भूमिगत किया जा चुका है।

आर.एम.यू. की स्थापना
महाकुंभ के दौरान बिजली सप्लाई को लगातार चालू रखने के लिए आवास विकास, दारागंज, फोर्ट रोड और सोमेश्वरनाथ उपकेन्द्रों पर 33 के.वी. आर.एम.यू. (रिंग मेन यूनिट) स्थापित किए जा रहे हैं। इससे किसी भी फॉल्ट की स्थिति में आपूर्ति 10 से 15 सेकंड में फिर से चालू हो जाएगी, जिससे मेला क्षेत्र को निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी।

पार्किंग और परेड क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था
पार्किंग क्षेत्र और परेड क्षेत्र की 33 के.वी. लाइनों को भूमिगत कर दिया गया है, जिससे मेला के दौरान बिजली से संबंधित कोई भी दुर्घटना नहीं होगी। परेड क्षेत्र में डिजाइनर पोल लगाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सुंदरता के साथ प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

रेलवे स्टेशनों और आरयूबी में बाधक लाइनों का भूमिगतकरण
प्रयागराज जंक्शन और प्रयाग स्टेशन के सामने की बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया गया है। इससे मेला के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन में कोई बाधा नहीं होगी और रेलवे स्टेशनों के सामने सुरक्षित मार्ग बनाए रखा जा सकेगा।

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