Lucknow: कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में संजय निषाद ने सपा प्रमुख, अखिलेश यादव पर किया वार।  

कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में बोलते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद विपक्ष की भूमिका

By INA News Desk
Dec 20, 2025 - 22:50
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Lucknow: कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में संजय निषाद ने सपा प्रमुख, अखिलेश यादव पर किया वार।  
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में संजय निषाद ने सपा प्रमुख, अखिलेश यादव पर किया वार।  
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  • जाति की राजनीति की आड़ में सच्चाई छिपाने की कोशिश न करें, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री
  • कोडीन कफ सिरप सिंडीकेट से जुड़े लोगों के साथ तस्वीर मामले में सपा प्रमुख को स्पष्टीकरण देना चाहिए -  संजय निषाद 
  • मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार अवैध मादक पदार्थों, संगठित ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है -  संजय निषाद
  • उत्तर प्रदेश को नशे की मंडी बनाने का सपना देखने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा - संजय निषाद 

लखनऊ। कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में बोलते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद विपक्ष की भूमिका पर चिंता व्यक्त की और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मामले पर राजनीति न करके स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में किसी भी तरह के मादक पदार्थ और दवाओं के अवैध कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही हैं। लेकिन इस मामले में विपक्ष की भूमिका अत्यंत चिंताजनक है। एक ओर तो वो इस गंभीर मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि जाति की राजनीति की आड़ में सच्चाई से बचने का प्रयास कर रहे हैं। कोडीन कफ सिंडीकेट से जुड़े लोगों के साथ  समाजवादी पार्टी अध्यक्ष, अखिलेश यादव की तस्वीर का सामने आना, सामान्य बात नहीं है। इस मामले में उनकी चुप्पी समझ से परे हैं, उन्हें मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। तमिलनाडू में बनी कोडीन कफ सिरप से बच्चों की जो मृत्यु हो रही है, इसके बारे में भी उनकी चुप्पी, उनकी भूमिका पर सवालिया निशान लगाती है। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये विषय राजनीति का नहीं है, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के मामला है, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए, न कि राजनीति। हमारी सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है कि माफिया चाहें कोई भी हो, उनका राजनीतिक संरक्षण कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से कोई बचेगा नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के उद्देश्य से प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों, संगठित ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है। जिसके तहत मुख्यमंत्री जी के दिशा निर्देशों के आधार पर प्रदेश पुलिस, एफएसडीए के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत कोडीन कफ सिरप तथा मादक पदार्थों के अवैध भंडारण, डायवर्जन, वितरण और क्रय विक्रय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत अब तक इस मामले में मेरी जानकारी में प्रदेश के 33 जनपदों में मामले दर्ज किया जा चुके हैं, साक्ष्यों के आधार पर 75 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक 12,65,455 से अधिक प्रतिबंधित कफ सिरप के बोतले जब्त की जा चुकी हैं, 132 फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है। 15 मुख्य षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की जा चुकी है, 12 प्रमुख अभियुक्तों के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं तथा अन्य के विरुद्ध भी यह प्रक्रिया चल रही है। योगी सरकार में कानून पहले की तरह कागजों पर नहीं, जमीन पर अमल में लाया जा रहा है। एनडीपीसीए एक्ट के तहत पूरी सप्लाई चेन की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को जेल भी पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को नशे की मंडी बनाने का सपना देखने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। ये हमारी सरकार का जनता के साथ वादा है और हमारी सरकार जनता के वादे के साथ खड़ी है।

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