हरदोई में 30 और 31 अक्टूबर को भारी बारिश व वज्रपात का येलो अलर्ट- स्कूलों में अवकाश के निर्देश, आपदा एडवाइजरी जारी

मौसम विभाग के अलर्ट पर हरदोई प्रशासन ने 30-31 अक्टूबर को येलो जोन घोषित किया। स्कूलों में संभावित अवकाश, 24×7 कंट्रोल रूम और आपदा एडवाइजरी के कड़े निर्देश।

By INA News Desk
Oct 27, 2026 - 19:24
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हरदोई में 30 और 31 अक्टूबर को भारी बारिश व वज्रपात का येलो अलर्ट- स्कूलों में अवकाश के निर्देश, आपदा एडवाइजरी जारी
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हरदोई। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे तीव्र चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरदोई ने हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (आईएमडी), लखनऊ द्वारा जारी प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान के क्रम में हरदोई जनपद को दिनांक 30 और 31 अक्टूबर 2026 के लिए 'येलो जोन' में शामिल किया गया है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपाली भार्गव ने जनहानि और पशुहानि को रोकने के लिए विस्तृत प्रशासनिक दिशा-निर्देश और आमजन के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

मौसम की स्थिति अनुसार 30 व 31 को स्कूलों में अवकाश के निर्देश मौसम की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश दिए हैं कि वे तात्कालिक मौसमी परिस्थितियों का आकलन करते हुए दिनांक 30.10.2026 से 31.10.2026 तक जनपद के समस्त सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में अवकाश घोषित करना सुनिश्चित करें।

तहसील और निकाय स्तर पर 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे क्रियाशील रहने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करें। जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत जलनिकासी कराने, नालों की युद्धस्तर पर सफाई करने और जीर्ण-शीर्ण भवनों व कच्ची झोपड़ियों में रह रहे नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के कड़े आदेश दिए गए हैं। बिजली विभाग को पोल व ट्रांसफार्मर के पास के पेड़ों की छंटाई कराने और विद्युत हेल्पलाइन जारी रखने को कहा गया है।

किसानों के लिए कृषि परामर्श जिला कृषि अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे मुनादी कराकर किसानों को तैयार फसलों की त्वरित कटाई करने और कटी हुई फसलों व खुले में रखे अनाजों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने की सलाह दें। तेज हवा और पानी से दलहन, तिलहन व सब्जियों को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाने को कहा गया है।

वज्रपात से बचाव: क्या करें और क्या न करें प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मोबाइल प्ले स्टोर से 'सचेत' (Sachet) और 'दामिनी' (Damini) ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करें, जिससे आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी प्राप्त हो सके।

  • क्या करें:

    • खुले में होने पर शीघ्रातिशीघ्र किसी सुरक्षित पक्के मकान में शरण लें।

    • खेत-खलिहान में होने पर दोनों पैरों को सटाकर, कानों को हाथों से बंद कर सिर को नीचे झुकाकर उकड़ू बैठें (सिर जमीन से न छुए)। पैरों के नीचे सूखी लकड़ी, प्लास्टिक या बोरा रखें।

    • बिजली गिरने से अचेत व्यक्ति को तत्काल सीपीआर (CPR) दें और नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।

  • क्या न करें:

    • ऊंचे पेड़ों, बिजली/टेलीफोन के खंभों या धातु की संरचनाओं के नीचे कदापि शरण न लें।

    • जमीन पर सीधा न लेटें।

    • धातु की डंडी वाले छाते का प्रयोग न करें।

    • घर के अंदर पानी के नल, फ्रिज या बिजली के उपकरणों को न छुएं।

भ्रम और वैज्ञानिक तथ्य

  • मिथक: बिजली एक जगह दोबारा नहीं गिरती।

    • सत्य: ऊंचे वृक्षों व ऊंची इमारतों पर बार-बार वज्रपात हो सकता है।

  • मिथक: बिजली से प्रभावित व्यक्ति को छूने पर करंट लगता है।

    • सत्य: मानव शरीर में विद्युत आवेश संचित नहीं रहता, अतः पीड़ित को तुरंत प्राथमिक उपचार देना पूरी तरह सुरक्षित है।

आपातकालीन संपर्क सूत्र खराब मौसम या आपदा की स्थिति में नागरिक आपातकालीन सहायता के लिए जिला आपदा कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 05852-299155, 05852-299157 अथवा मोबाइल नंबर 9454416606 और डायल 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

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