महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में चाचा-भतीजे की बढ़ती नजदीकी से उद्धव गुट अलर्ट, शरद पवार की पार्टी पर गठबंधन को लेकर दबाव।
महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों सहित बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने हैं, जिसके कारण राजनीतिक दलों में गठबंधन
महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों सहित बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने हैं, जिसके कारण राजनीतिक दलों में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस बीच शरद पवार और अजित पवार के बीच बढ़ती नजदीकियों की चर्चा ने महाविकास आघाड़ी में शामिल उद्धव ठाकरे गुट को सतर्क कर दिया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में शरद पवार गुट की एनसीपी ने अजित पवार गुट को गठबंधन का प्रस्ताव दिया है, ताकि धर्मनिरपेक्ष वोटों का बंटवारा न हो और महायुति को नुकसान पहुंचे।
महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में अजित पवार गुट की एनसीपी के साथ अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिसे फ्रेंडली फाइट कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में भाजपा और अजित पवार गुट अलग-अलग लड़ेंगे। वहीं मुंबई में महायुति के तीनों दल एक साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस स्थिति में शरद पवार गुट का अजित पवार गुट से स्थानीय स्तर पर समझौता करने का प्रस्ताव महाविकास आघाड़ी के लिए चुनौती बन गया है। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने पुणे नगर निगम चुनाव में शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के बीच संभावित गठबंधन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अजित पवार गुट महायुति का हिस्सा है और उनके साथ समझौता भाजपा को मजबूत करने जैसा होगा। राउत ने शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही और स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया। संजय राउत ने यह भी कहा कि शरद पवार उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ आने को लेकर सकारात्मक हैं।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में शरद पवार गुट के नेताओं ने अजित पवार गुट से गठबंधन की कोशिश की है, क्योंकि अलग-अलग लड़ने से वोट बंट सकते हैं। शरद पवार गुट के कुछ नेताओं का मानना है कि स्थानीय चुनावों में महायुति को हराने के लिए यह जरूरी है। हालांकि महाविकास आघाड़ी के अन्य घटक दल इसे गठबंधन की एकता के लिए खतरा मान रहे हैं। मुंबई में उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की पार्टी के बीच गठबंधन की चर्चा चल रही है, जिसकी औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की घोषणा के बाद सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा ने मुंबई में 150 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। महायुति में मुंबई के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है, जबकि पुणे जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग लड़ाई की रणनीति है। शरद पवार गुट मुंबई से दूरी बनाए हुए है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। सुप्रिया सुले की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने भी अलग अटकलें लगाई हैं।
नगर निगम चुनावों में पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, मुंबई, नासिक और ठाणे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। शरद पवार और अजित पवार के बीच हाल के महीनों में कई मुलाकातें हुई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर समझौते की चर्चा बढ़ी है। अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने भी गठबंधन संबंधी बैठकों में हिस्सा लिया है। महाविकास आघाड़ी में उद्धव ठाकरे गुट शरद पवार गुट से गठबंधन की एकता बनाए रखने पर जोर दे रहा है। चुनावों में सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति सभी दलों के लिए महत्वपूर्ण है। मुंबई महानगरपालिका का बजट अन्य निकायों से काफी बड़ा है, इसलिए यहां की लड़ाई प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। पुणे में शरद पवार गुट के प्रस्ताव पर अजित पवार गुट की बैठकें चल रही हैं, जिसमें बड़ा फैसला होने की संभावना है। उद्धव ठाकरे गुट ने स्पष्ट किया कि अजित पवार गुट से समझौता महाविकास आघाड़ी की विचारधारा से मेल नहीं खाता। राजनीतिक दलों की बैठकों और नेताओं की मुलाकातों से चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। शरद पवार गुट के कुछ नेताओं ने अजित पवार गुट को अकेला न छोड़ने की बात कही है। महायुति में भी क्षेत्रीय स्तर पर अलग रणनीति अपनाई जा रही है। चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी। इन चुनावों से स्थानीय स्तर पर दलों की ताकत का पता चलेगा।
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