हरदोई न्यूज़: विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान हुआ शुरू ।

By INA News Desk
Jul 2, 2024 - 14:18
58 Views
हरदोई न्यूज़: विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान हुआ शुरू ।
Advertisement
Advertisement

हरदोई। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान एवं दस्त रोको अभियान का शुभारंभ सोमवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गाँधी मैदान में किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जागरूकता रैली एवं अभियान में लगे एंटीलार्वा छिड़काव,फॉगिंग व प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में जिला विकास अधिकारी सौम्या गुरुरानी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रोहताश कुमार एवं सहयोगी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा  यूनिसेफ, पाथ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 

इसी क्रम में अहिरोरी  के विधायक प्रभास कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) अहिरोरी सीएचसी पर एवं बावन सीएचसी पर ब्लाक प्रमुख धर्मेन्द्र सिंह ने तथा शाहाबाद सीएचसी पर ब्लाक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा ने अभियान का शुभारम्भ किया। 

इसके साथ ही नया गाँव, मुबारकपुर स्थित 100 शैया चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रोहताश ने फीता काटकर अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि एक से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान और एक जुलाई से 31 अगस्त तक डायरिया रोको अभियान चलेगा। 

दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता बुखार, इन्फ्ल्युन्जा लाइक इलनेस, टीबी के लक्षण वाले रोगियों, कुपोषित बच्चों, खांसी जुकाम, कुष्ठ, काला जार और फाइलेरिया के लक्षण वाले रोगियों की सूची बनाएंगी। इसके साथ ही जिन घरों में मच्छर का लार्वा पाया जायेगा उसका चिन्हीकरण कर उसकी सूचना ब्लाक और जिला मुख्यालय पर भेजेंगी जिसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

इसके साथ ही  पंचायती राज विभाग, नगर विकास विभाग क्रमशः ग्रामों में एवं नगरीय क्षेत्रों में साफ़-सफाई एवं जल जमाव ना होने पाए हेतु कार्य करेंगे। संचारी अभियान में शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, पशु-पालन विभाग, बाल विकास एवं पुष्षटाहार विभाग एवं अन्य विभाग अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को यह भी बताएं कि बुखार होने पर स्वयं कोई इलाज न करें। पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जाँच और इलाज कराएं। 

डायरिया रोको अभियान के तहत लोगों को दस्त से बचाव, उपचार प्रबन्धन के बारे में जागरूक किया जायेगा क्योंकि बाल मृत्यु का एक प्रमुख कारण डायरिया है। इस दौरान जिस घर में पाँच साल से कम आयु के बच्चे हैं उस घर में प्रति बच्चा ओआरएस के दो पैकेट और जिंक की गोलियां दी जाएँगी और उन्हें इनके सेवन तथा ओआरएस बनाने की विधि के बारे में भी बताया जायेगा।

दस्त के दौरान ओआरएस घोल एवं जिंक की गोली का सेवन करना चाहिए। यदि इसके उपयोग के बाद भी दस्त ठीक न हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं| इसके साथ ही लोगों को यह भी बताएं कि बुखार होने पर स्वयं कोई इलाज न करें। पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जाँच और इलाज कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी जीतेंद्र कुमार द्वारा अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement