Andhra Pradesh News: 3 साल के मासूम को पुल पर रोता छोड़ पति-पत्नी ने गोदावरी नदी में लगाई छलांग, तलाश जारी
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी 3 साल के बच्चे को पुल पर अकेला छोड़ गोदावरी नदी में कूद गए। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
- Andhra Pradesh Godavari Bridge Incident: आंध्र प्रदेश में दंपति ने गोदावरी नदी में लगाई छलांग, पुल पर अकेला मिला मासूम बच्चा
- Andhra Pradesh: 3 साल के बच्चे को पुल पर छोड़ दंपति ने गोदावरी नदी में लगाई छलांग, तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम
- Andhra Pradesh Big News: गोदावरी नदी पुल पर 3 साल के बच्चे को रोता छोड़ पति-पत्नी ने लगाई छलांग, सर्च ऑपरेशन जारी
आंध्र प्रदेश से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक विवाहित जोड़े ने अपने तीन साल के मासूम बच्चे को गोदावरी नदी के पुल पर अकेला रोता हुआ छोड़कर नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी। राहगीरों ने जब पुल पर लावारिस हालत में बच्चे को बिलखते देखा, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और आपदा राहत टीमों ने गोदावरी नदी में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस दंपति की पहचान करने, इस आत्मघाती कदम के कारणों का पता लगाने और परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश में जुटी हुई है, जबकि मासूम को फिलहाल सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया है।
आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी के एक प्रमुख पुल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक दंपति ने कथित तौर पर अपने 3 वर्षीय मासूम बेटे को पुल की रेलिंग के पास छोड़ दिया और अचानक नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी। पुल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने जब मासूम को अकेला बदहवास रोते देखा, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। आसपास देखने पर जब बच्चे के माता-पिता कहीं नजर नहीं आए, तो प्रत्यक्षदर्शियों को दंपति के नदी में कूदने की आशंका हुई। घटना की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक महिला और पुरुष अपने छोटे बच्चे के साथ पुल पर पहुंचे थे। कुछ देर वहां रुकने के बाद, उन्होंने अचानक बच्चे को फुटपाथ पर छोड़ दिया और बिना किसी संकोच के एक साथ पुल की रेलिंग पार कर गोदावरी नदी में छलांग लगा दी। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या उन्हें रोकने के लिए दौड़ते, तब तक दोनों नदी के पानी में समा चुके थे।
सूचना पाकर स्थानीय पुलिस प्रशासन और गोताखोरों का दल तुरंत मौके पर पहुंचा। गोताखोरों और मोटरबोट्स की मदद से नदी के विस्तृत इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया है। नदी का बहाव तेज होने और जलस्तर अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी सतर्कता और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ सुराग और लावारिस सामान बरामद करने का प्रयास किया है ताकि दंपति की सटीक पहचान स्पष्ट की जा सके।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गोदावरी नदी में तलाशी अभियान पूरी ताकत से चलाया जा रहा है। स्थानीय मछुआरों और विशेषज्ञ तैराकों की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला पारिवारिक विवाद या गंभीर मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और परिजनों से पूछताछ के बाद ही संभव हो सकेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय बाल कल्याण समिति (CWC) को भी सूचित कर दिया गया है ताकि मासूम बच्चे की उचित देखभाल, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित काउंसिलिंग सुनिश्चित की जा सके। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उसे तुरंत सुरक्षित पारिवारिक वातावरण देने की बात कही है।
इस दुखद घटना ने स्थानीय लोगों और राहगीरों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। पुल पर रोते हुए तीन साल के बच्चे का दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी या पारिवारिक संकट रहा होगा जिसके कारण माता-पिता अपने ही मासूम फूल जैसे बच्चे को अकेला छोड़ जाने जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर हो गए।
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक अवसाद, पारिवारिक कलह और संकट के समय मिलने वाली सामाजिक सहायता के महत्व पर गंभीर बहस छेड़ दी है। स्थानीय प्रशासन ने नदी के प्रमुख पुलों पर सुरक्षा और निगरानी गश्त बढ़ाने पर भी विचार करना शुरू किया है।
पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता इस समय नदी में लापता पति-पत्नी की खोज पूरी करना है। इसके लिए नदी के बहाव की दिशा में आगे पड़ने वाले घाटों और चौकियों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दूसरी ओर, पुलिस बच्चे की पहचान और उसकी मदद से परिजनों का सुराग तलाशने का प्रयास कर रही है। शिनाख्त होते ही परिजनों को सूचित कर बच्चे को नियमानुसार उनके सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि वे सभी संभावित कोणों से मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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