रामायण थीम पर सज रही अयोध्या- दीपोत्सव पर 13 थीमेटिक 3D एंट्री गेट और 20 सेल्फी प्वाइंट बनेंगे आकर्षण का केंद्र
अयोध्या में दीपोत्सव के लिए रामायण थीम पर 13 3D थीमेटिक एंट्री गेट और 20 सेल्फी प्वाइंट तैयार हो रहे हैं। धनुष आकार की संरचनाओं में रामलीला के प्रसंग दर्शाए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले दसवें भव्य दीपोत्सव को अलौकिक व अविस्मरणीय स्वरूप देने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

इस बार रामनगरी को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव से सुसज्जित करने के लिए 3D थीमेटिक एंट्री गेट और विशिष्ट सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेंगे। यह आधुनिक तकनीकी संयोजन और पारंपरिक भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा, जिससे श्रद्धालु रामायण के प्रेरक प्रसंगों को सजीव रूप में अनुभव कर सकेंगे।

अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की योजना के तहत कुल 13 थीमेटिक प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से तीन द्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से नगर प्रवेश के प्रमुख मार्गों पर और दस द्वार राम की पैड़ी परिसर में स्थापित किए जा रहे हैं।

इन सभी भव्य द्वारों पर श्रीरामचरितमानस की कालजयी चौपाइयां अंकित की गई हैं, जो परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को भक्तिमय वातावरण की अनुभूति कराएंगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रमुख मार्गों पर 20 कलात्मक सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से दस रामकथा मार्ग पर तथा दस लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी के मध्य स्थापित हो रहे हैं।
विशेष बात यह है कि इन सेल्फी प्वाइंटों को प्रभु श्रीराम के प्रतीक धनुष के दिव्य आकार में तैयार किया जा रहा है। इनमें महर्षि वाल्मीकि आश्रम, धनुष भंग, सीता स्वयंवर, शबरी भक्ति, भरत मिलाप, जटायु मोक्ष और निषादराज मिलन जैसे भावुक प्रसंगों का जीवंत अंकन किया गया है।

लता चौक से राम की पैड़ी तक की संरचनाएं रामायण के सातों कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर केंद्रित रखी गई हैं।
इसके अलावा द्रोणागिरि पर्वत ले जाते पवनपुत्र हनुमान, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट, रावण वध और लंका दहन जैसे दृश्यों को कलाकृतियों के जरिए अत्यंत आकर्षक रूप में उकेरा गया है।
प्रशासन और इवेंट टीम द्वारा किए जा रहे इन नवाचारों से दीपोत्सव में पहुंचने वाले श्रद्धालु न केवल इन कलाकृतियों के माध्यम से सनातन संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन आदर्शों से जुड़ सकेंगे, बल्कि इन सेल्फी प्वाइंटों पर तस्वीरें संजोकर इस ऐतिहासिक दीपोत्सव की स्मृतियों को हमेशा के लिए अपने साथ सहेज सकेंगे।
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