अयोध्या दीपोत्सव- अवध विवि के स्वयंसेवक सजाएंगे दीयों की श्रृंखला, 25 बसों से घाटों के लिए होंगे रवाना
अयोध्या में दीपोत्सव के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक 25 बसों से घाटों पर पहुंचेंगे। बुधवार सुबह से शुरू होगा दीये बिछाने का काम।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित होने जा रहे ऐतिहासिक दीपोत्सव की तैयारियां अब अंतिम व निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। इस भव्य आयोजन को दिव्यता प्रदान करने और वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के हजारों स्वयंसेवक बुधवार प्रातः आठ बजे से 25 विशेष बसों के माध्यम से दीपोत्सव स्थलों और सरयू के विभिन्न घाटों के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजन स्थल पर पहुंचते ही स्वयंसेवकों द्वारा निर्धारित खाकों में दीये बिछाने और तेल-बाती संयोजन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपने संदेश में स्वयंसेवकों के उत्साह और निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति इस महापर्व की सबसे मजबूत धुरी है। जब यह स्वयंसेवक घाटों पर कतारबद्ध होकर दीपों की अद्भुत श्रृंखला तैयार करेंगे, तो उनके प्रत्येक दीप में समर्पण, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का प्रतिबिंब दिखाई देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय की यह समर्पित टीम अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से एक बार फिर विश्व पटल पर नया कीर्तिमान अंकित करेगी।
यातायात व्यवस्था और सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। विश्वविद्यालय की यातायात समिति के समन्वयक प्रो. अनूप कुमार की देखरेख में 25 बसों के संचालन के लिए पूर्व-निर्धारित रूट और समय-सारिणी तय कर दी गई है, जिससे सभी स्वयंसेवकों व नोडल अधिकारियों को बिना किसी असुविधा के समय से संबंधित घाटों तक पहुंचाया जा सके।
प्रशासन एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी स्वयंसेवकों और प्रभारियों को निर्धारित समय से पूर्व एकत्रित होने तथा अनिवार्य रूप से अपना परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) साथ रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पूर्ण अनुशासन और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए स्वयंसेवक अपने-अपने आबंटित घाटों पर पहुंचकर ऐतिहासिक दीपोत्सव को सफल बनाने में जुटेंगे।
What's Your Reaction?

