दीपोत्सव पर रामायण के प्रसंगों से सजेगी अयोध्या, रामकथा पार्क से लता चौक तक दीवारों पर जीवंत हुआ त्रेता युग

अयोध्या में दसवें दीपोत्सव के उपलक्ष्य में रामकथा पार्क से लता मंगेशकर चौक तक दीवारों पर रामायण प्रसंगों और पारंपरिक दीपों का भव्य चित्रांकन किया जा रहा है।

By INA News Desk
Nov 3, 2026 - 23:13
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दीपोत्सव पर रामायण के प्रसंगों से सजेगी अयोध्या, रामकथा पार्क से लता चौक तक दीवारों पर जीवंत हुआ त्रेता युग
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप रामनगरी अयोध्या में दसवें ऐतिहासिक दीपोत्सव को भव्य, दिव्य और आलौकिक स्वरूप प्रदान करने की तैयारियां चरम पर हैं। दीपोत्सव के इस दशक को अविस्मरणीय बनाने और संपूर्ण नगर को 'राममय' परिवेश में ढालने के लिए सार्वजनिक दीवारों पर रामायण के प्रेरक प्रसंगों और सनातन आस्था के प्रतीकों को जीवंत किया जा रहा है। अयोध्या नगर निगम के तत्वावधान में रामकथा पार्क से लेकर लता मंगेशकर चौक के विस्तृत परिक्षेत्र में दीवारों पर पारंपरिक दीपों और प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित मनोहारी भित्तिचित्र (म्यूरल पेंटिंग्स) उकेरे जा रहे हैं।

कलाकारों की तूलिका से दीवारों पर भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण जी, भक्त हनुमान और रामायण के विभिन्न आदर्श पात्रों के सजीव चित्रण के साथ पारंपरिक दीयों की नक्काशीदार आकृतियां बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही 'दीपोत्सव अयोध्या' के संदेशों से सुसज्जित स्वागत द्वार और दीवारें रात्रि की रंग-बिरंगी रोशनी में अद्भुत छटा बिखेर रही हैं। नगर निगम का यह प्रयास केवल भौतिक सौंदर्यीकरण तक सीमित न रहकर अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिकता और गौरवशाली त्रेता युगीन परंपराओं को जन-जन और भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

अयोध्या के नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि दसवां दीपोत्सव धार्मिक एवं पर्यटन दोनों दृष्टियों से मील का पत्थर सिद्ध होने जा रहा है। नगर निगम की प्राथमिकता है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को रामनगरी में पग-पग पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों और त्रेता युग के वैभव की प्रत्यक्ष अनुभूति हो। इसी ध्येय से प्रमुख मार्गों, चौराहों और मुख्य गलियारों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की विशेष टीमें स्वच्छता और सजावट कार्यों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। पारंपरिक दीपों की जगमगाहट, रामायणकालीन कलाकृतियों का यह विस्तृत चित्रांकन और सुव्यवस्थित नगरीय व्यवस्था मिलकर इस वर्ष के दीपोत्सव को वैश्विक पटल पर एक नई आध्यात्मिक व सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान करेंगे।

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