अयोध्या दीपोत्सव पर सीएम योगी की समीक्षा बैठक, संतों और श्रद्धालुओं की सुविधा का रखें ध्यान, जनसहभागिता से जगमगाएगी रामनगरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के पीएफसी सभागार में दीपोत्सव तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को पेयजल, सुरक्षा और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अयोध्या में दीपोत्सव के भव्य और दिव्य आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पैसेंजर फैसिलिटी सेंटर (पीएफसी) सभागार में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन की भव्यता और दिव्यता में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देश और विदेश से आने वाले संतों, विशिष्ट अतिथियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या पहुंचने वाले प्रत्येक दर्शनार्थी के लिए यह यात्रा अविस्मरणीय और सुगम बननी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से साधु-संतों, धर्मगुरुओं और वीवीआईपी अतिथियों के आवागमन, ठहरने और दर्शन-पूजन के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अंतर-विभागीय समन्वय पर बल देते हुए उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को तय समय-सीमा के भीतर अपने दायित्वों को पूरा करने और लगातार फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति, निरंतर स्वच्छता और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों, संपर्क गलियारों, सरयू घाटों और प्रमुख आयोजन स्थलों पर राउंड-द-क्लॉक सफाई व्यवस्था रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ के दृष्टिगत सुगम यातायात, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे सामान्य जनजीवन और दर्शनार्थियों का आवागमन बाधित न हो।
दीपोत्सव को जन-जन का उत्सव बनाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों और संस्थाओं से सहभागिता की विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्ज्वलित कर इस पुनीत आयोजन में भागीदारी निभाएं। इसके साथ ही समस्त शैक्षणिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थान भी अपने परिसरों को दीपों की माला से सजाएं, जिससे समूची रामनगरी दीपोत्सव की आभा से जगमगा उठे। बैठक में मंडलायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के उच्चाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?

