अयोध्या दीपोत्सव: राम की पैड़ी पर सजेगा 30 फीट लंबा पुष्पक विमान व राम दरबार, सरयू में तैरेंगी रामायण थीम नावें
अयोध्या के दसवें दीपोत्सव में 30 फीट लंबा पुष्पक विमान, 20 फीट ऊंचा राम दरबार और सरयू में तैरती रामायण थीम नावें श्रद्धालुओं को त्रेता युग का जीवंत अहसास कराएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या अपने दसवें ऐतिहासिक दीपोत्सव को त्रेता युगीन वैभव से आलोकित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस पावन अवसर पर राम की पैड़ी पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रभु श्रीराम के कालखंड का साक्षात अनुभव कराने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा भव्य 'पुष्पक विमान' और दिव्य 'राम दरबार' का निर्माण कराया जा रहा है। ये कलात्मक निर्माण केवल दृश्य सज्जा तक सीमित न होकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के लंका विजय के उपरांत अयोध्या आगमन के ऐतिहासिक प्रसंग को सजीव रूप प्रदान करेंगे।

इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी 'मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट' के अनुसार, पुष्पक विमान की संरचना 30 फीट लंबी, 12 फीट चौड़ी और 16 फीट ऊंची बनाई जा रही है। वहीं, भव्य राम दरबार का निर्माण 30×20 फीट के विस्तृत क्षेत्र में कराया जा रहा है, जिसकी ऊंचाई लगभग 20 फीट रखी गई है। इन दोनों विशाल संरचनाओं को उच्च गुणवत्ता वाले प्लाई-कैनवास और सुदृढ़ शिल्प सामग्री से तैयार किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कुशल एवं दक्ष कारीगर दिन-रात एक कर इन आकृतियों की नक्काशी और बारीक बनावट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
आयोजन की भव्यता को बढ़ाने के लिए रामायण के पावन प्रसंगों पर आधारित तीन विशेष नावें भी पूरी तरह तैयार कर ली गई हैं। दीपोत्सव की संध्या पर जब दीपों की अविरल रोशनी के बीच ये नावें सरयू नदी की लहरों पर तैरेंगी, तो जल में दीपों की झिलमिलाती परछाइयों के साथ संपूर्ण दृश्य अत्यंत रोमांचक और अलौकिक प्रतीत होगा। पुष्पक विमान और राम दरबार में भगवान श्रीराम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण तथा भक्त हनुमान जी के पावन स्वरूपों की उपस्थिति श्रद्धालुओं को प्राचीन कालखंड के साक्षात दर्शन कराएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के शिखर पर स्थापित करने का यह व्यापक अभियान स्थानीय और प्रवासी कामगारों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है। ऐसे वृहद आयोजनों से पारंपरिक शिल्पकारों, मूर्तिकारों और हस्तशिल्पियों को बड़े पैमाने पर रोजगार और आमदनी के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। राम की पैड़ी पर आकार ले रहा यह दिव्य परिदृश्य देश-विदेश से आने वाले रामभक्तों को आस्था, विस्मय और अपार भक्ति से सराबोर करने के लिए तैयार है।
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