बलिया: किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के दोषी को 25 वर्ष की कठोर कैद, 40 हजार अर्थदंड
बलिया की विशेष अदालत ने किशोरी को भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दोषी जावेद खान को 25 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Report- Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया जिले की एक अदालत ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा करने तथा दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष पाक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रथमकांत की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और गवाहों के बयानों का संज्ञान लेते हुए दुबहड़ क्षेत्र के अखार निवासी जावेद खान उर्फ राजा को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। तय समय पर अर्थदंड की राशि जमा न करने की दशा में उसे अतिरिक्त एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी 14 वर्षीय बेटी को पड़ोस में रहने वाला जावेद खान लंबे समय से परेशान कर रहा था और लगातार बहलाने-फुसलाने का प्रयास कर रहा था। जब परिवार के सदस्यों ने इस हरकत का विरोध किया, तो उसने उल्टा पूरे परिवार को जान से मारने और लड़की को भगा ले जाने की सीधी धमकी दे डाली।
इसके कुछ ही समय बाद जब किशोरी सुबह के समय घरेलू सामान लेने बाजार गई थी, तभी अभियुक्त उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। किशोरी के वापस न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की और अनहोनी की आशंका के चलते तत्काल पुलिस थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया और जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
न्यायालय में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता राकेश पांडे और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों, गवाहों और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अदालत ने जुर्म को साबित पाया और अभियुक्त को किसी भी प्रकार की नरमी का पात्र न मानते हुए 25 वर्ष की कठोर जेल तथा जुर्माने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
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