बलिया: किशोरी के अपहरण मामले में दोषी को 7 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
बलिया की विशेष पॉक्सो अदालत ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के दोषी पंकज साहनी को सात वर्ष के कठोर कारावास और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Report Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया की विशेष अदालत ने किशोरी के अपहरण से जुड़े लगभग नौ वर्ष पुराने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोषी ठहराया गया पंकज कुमार साहनी थाना उभांव क्षेत्र के तुर्तीपार का निवासी है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक डीएन पांडे और बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत ने पत्रावली में दर्ज दस्तावेजी साक्ष्यों, परिस्थितियों और गवाहों की गवाही का गहराई से अध्ययन करने के बाद अभियुक्त को किशोरी के अपहरण और संबंधित धाराओं में कसूरवार पाया।
अभियोजन के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2017 का है, जब पीड़िता की मां ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रार्थना पत्र में बताया गया था कि उनकी पुत्री को अभियुक्त ने बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में लिया और घर से अगवा कर कहीं छिपा दिया था। परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने कानूनी कदम उठाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच पड़ताल आगे बढ़ाई और आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। अदालत के कड़े रुख और मजबूत पैरवी के चलते आखिरकार दोषी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे पीड़िता के परिवार को कानूनी न्याय मिल सका है।
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