बलिया के ऐतिहासिक ददरी मेले का ध्वज पूजन संपन्न, विजयादशमी पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुईं तैयारियां
बलिया के ऐतिहासिक ददरी मेले का ध्वज पूजन संपन्न। विजयादशमी पर नगर पालिका परिषद ने वैदिक अनुष्ठान कर मेले की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत की।
Report : Syed Asif Hussain Zaidi
जनपद की सुप्रसिद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर ददरी मेले के शुभारंभ की औपचारिक प्रक्रिया विधिवत प्रारंभ हो गई है। विजयादशमी के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद की देखरेख में पारंपरिक ध्वज पूजन का अनुष्ठान श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कर्मकांडी पंडितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों की गूंज और विशेष पूजा-अर्चना के साथ मेले के ध्वज की स्थापना की गई, जिसके साथ ही इस विशाल जन-उत्सव की प्रशासनिक एवं जमीनी तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।

ददरी मेला महर्षि भृगु की तपोभूमि बलिया की सदियों पुरानी गौरवशाली पहचान का अभिन्न अंग है, जिसमें भारत के विभिन्न प्रांतों से लाखों व्यापारी, पशुपालक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ध्वज स्थापना अनुष्ठान के दौरान नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल ने कहा कि ददरी मेला नगर की अस्मिता और साझी संस्कृति का प्रतीक है। इसे भव्य, सुरक्षित और जनसुविधाओं से युक्त बनाने के लिए नगर पालिका पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले दुकानदारों को बेहतर प्रकाश, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इस गरिमामय धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, संजय पांडेय, अमर सिंह, अनिल गुप्ता, सभासद ददन यादव, विनोद राय और हीरा प्रसाद सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिक तथा पालिका प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ध्वज पूजन के संपन्न होते ही मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं, दुकानों के आवंटन और सांस्कृतिक पांडालों के निर्माण की रूपरेखा पर काम तेज कर दिया गया है, जिसे लेकर समूचे जनपद में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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