बलिया: गांधी आश्रम में विचार गोष्ठी का आयोजन, पूर्व विधायक बोले- अहिंसा से ही संभव है विश्व शांति
बलिया के गांधी आश्रम में विचार गोष्ठी आयोजित। पूर्व विधायक सुधीर राय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग से ही विश्व शांति संभव है।
Report - Syed Asif Hussain Zaidi
महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर जनपद बलिया के ऐतिहासिक चित्तू पांडेय चौराहा स्थित गांधी आश्रम में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में जनपद भर से पहुंचे विद्वानों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों के प्रेरक व्यक्तित्व, राष्ट्रनिर्माण में उनके अमूल्य योगदान और जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुधीर राय ने समकालीन वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया के कई क्षेत्रों में युद्ध चल रहा है और कई देशों में गंभीर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में महात्मा गांधी का 'अहिंसा परमो धर्म:' का विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है और इस मार्ग पर चलकर ही विश्व भर में स्थायी शांति की स्थापना की जा सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता के मूल तत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वच्छता की वास्तविक शुरुआत अंतर्मन से होनी चाहिए। जब तक प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर आंतरिक स्वच्छता और शुचिता का भाव नहीं लाएगा, तब तक कोई भी स्वच्छता अभियान अपने वास्तविक लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता।

खादी ग्रामोद्योग के प्रबंधक हरेंद्र नाथ मिश्र ने संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और जनपद के प्रबुद्ध वक्ताओं की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को वैचारिक रूप से समृद्ध बनाया है। उन्होंने कहा कि समाज में भले ही लोगों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां भिन्न हों, लेकिन मूल्यों और विचारों के स्तर पर सभी गांधीवादी दर्शन से गहराई से जुड़े हुए हैं।

इस वैचारिक समागम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित इफ्तिखार खां, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव, समाजसेवी डॉक्टर एम. एलियास, प्रख्यात शिक्षाविद जनार्दन राय सहित जनपद के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गोष्ठी के दौरान सभी उपस्थित वक्ताओं ने महापुरुषों के दिखाए सत्य, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के सिद्धांतों को अपने दैनिक आचरण में उतारने का सामूहिक संकल्प लिया।
What's Your Reaction?