यूपी में 'स्वच्छता ही सेवा' बना जन आंदोलन, 47 लाख नागरिकों की सहभागिता से चमके शहर और गांव

उत्तर प्रदेश में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान ने जन आंदोलन का रूप लिया। 47 लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता, 1.10 लाख लक्षित इकाइयों का कायाकल्प और सफाई मित्रों का सम्मान।

By INA News Desk
Oct 2, 2026 - 23:10
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यूपी में 'स्वच्छता ही सेवा' बना जन आंदोलन, 47 लाख नागरिकों की सहभागिता से चमके शहर और गांव
  • यूपी में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' अभियान बना जन आंदोलन 
  • ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ की थीम पर चला राष्ट्रव्यापी अभियान  
  • 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रमों में करीब 27 लाख नागरिकों ने लिया हिस्सा
  • 157 घंटे के महासफाई अभियान से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता को मिली गति
  • स्वच्छ पाठशाला के जरिए 2.16 लाख बच्चों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया
  • स्वच्छ भारत दिवस पर सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब और स्वयं सहायता समूहों का सम्मान

लखनऊ। 'स्वच्छता ही सेवा' राष्ट्रव्यापी अभियान ने उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन का रूप लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (2 अक्टूबर) तक चलाए गए इस अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत विकसित भारत’ रही। नगर निगमों और नगर पंचायतों को स्वच्छ बनाने के साथ नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान को उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता मिली है।

अभियान का शुभारंभ समस्त निकायों में मेयर, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और करीब 12 लाख नागरिकों की सहभागिता के साथ श्रमदान से हुआ। 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 27 लाख नागरिकों ने प्रतिभाग किया। स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों, स्वच्छ सारथी क्लबों और स्वयं सहायता समूहों समेत लगभग 47 लाख नागरिकों ने अभियान में सहभागिता और सहयोग किया है।

जारी रहेगा विशेष स्वच्छता अभियान
उत्तर प्रदेश में ‘स्वच्छता ही सेवा’ को विस्तार देते हुए 17 अक्टूबर 2026 तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसे स्थानों को स्वच्छ किया जा रहा है, जहां नियमित रूप से अपेक्षित सफाई नहीं हो पाती। करीब 1.22 लाख स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTU) चिह्नित की गई हैं, जिनमें लगभग 1.10 लाख का विलोपन नागरिकों की सहभागिता से किया जा चुका है। अभियान के दौरान करीब 25 हजार सार्वजनिक स्थलों, 6,788 बाजारों, 13,919 मोहल्लों, 9,440 शौचालयों और 6,769 कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता सुनिश्चित की गई है। 

स्वच्छ पाठशाला से बच्चों में संस्कार
स्वच्छ पाठशाला कार्यक्रम के तहत करीब 13 हजार कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 3,640 स्वच्छ सारथी क्लबों से संबंधित करीब 2.16 लाख बच्चों को अभियान से जोड़ा गया। बच्चों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 8,358 प्रतियोगिताएं एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

सफाई मित्रों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर
स्वच्छता मित्र सुरक्षा शिविर के तहत 4,202 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें करीब 99 हजार सफाई मित्रों ने भाग लिया। लगभग 40 हजार सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। वहीं करीब 88 हजार सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण, 63 हजार को पीपीई किट का वितरण और करीब 1.77 लाख को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

25 लाख घरों तक पहुंचा स्वच्छता संदेश
जन भागीदारी के तहत करीब 25 लाख घरों को स्वच्छता आंदोलन से जोड़ा गया। लोगों को कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण और स्वच्छता की जिम्मेदारी में सक्रिय भागीदारी के लिए जागरूक किया गया।

आरआरआर कॉन्सेप्ट से स्वच्छता के साथ समृद्धि
स्वच्छता से समृद्धि कार्यक्रम के तहत आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज व रीसाइकिल) कॉन्सेप्ट पर 3,461 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्वच्छता से जुड़ी 17,486 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें एक लाख से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की।

2 अक्टूबर को मनाया गया स्वच्छ भारत दिवस
अभियान के तहत 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस उत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न निकायों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब के सदस्यों, ब्रांड एंबेसडरों और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।

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