बलिया में गरजा इंडिया गठबंधन: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, कलेक्ट्रेट में गूंजे नारे
बलिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
Report - Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया जिले में विपक्षी गठबंधन ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। गठबंधन से जुड़े दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े नारे लगाते हुए प्रशासनिक भवन परिसर में अपनी आवाज बुलंद की।

विरोध मार्च की शुरुआत समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय से हुई, जहां बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर एकत्र हुए। इसके बाद एक जुलूस के रूप में सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे और नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा को बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से मुक्त करने का आग्रह किया गया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सांसद रामशंकर विद्यार्थी राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता पर जनता का भरोसा बना रहना चाहिए। पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट ही सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता होना आवश्यक है।

पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिज़वी ने आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता के चलते पद पर बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं रह जाता। विधायक जयप्रकाश अंचल और जिलाध्यक्ष सुनील मौर्य ने भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के निर्माण से लेकर वोटिंग की प्रक्रिया तक सब कुछ संदेह से परे होना चाहिए ताकि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके।
इस मौके पर मंजू सिंह, संजय उपाध्याय, विश्राम यादव, सुशील पांडे कान्हजी, सीमा राजभर, शशिकांत चतुर्वेदी और राजन कन्नौजिया सहित गठबंधन के तमाम प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभा का संचालन बीरबल राम ने किया।
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