बिहार के मंत्री श्रवण कुमार का बड़ा बयान: संघर्ष और जेल यात्रा के बिना कोई आंदोलन सफल नहीं होता
बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने बलिया में कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति वाले लोग ही आंदोलन करते हैं। लाठी और जेल का सामना करना पड़ता है।
Report - Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया। बलिया जनपद के मनियर में एक कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने आंदोलनों और राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक तीखा और स्पष्ट बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बड़े बदलावों और अभियानों के लिए मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है, और इस दौरान कार्यकर्ताओं को लाठियां खाने तथा जेल जाने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

मनियर इंटर कॉलेज के गीता सभागार में सहकारिता के पुरोधा दिवंगत नरेंद्र बहादुर सिंह उर्फ बलदाऊ जी के जन्मशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रवण कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही.
गिरफ्तारी और संघर्ष से घबराना कैसा
दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब मैदान में उतरकर कानून के दायरे में या विरोधस्वरूप कोई कदम उठाया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों से डरना नहीं चाहिए. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद लंबे संघर्ष देखे हैं, जहां आंदोलनों के दौरान उन्हें महीनों जेल में रहना पड़ा और लाठियों का सामना करना पड़ा. जिनके इरादे मजबूत होते हैं, वे ही संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ते हैं.
बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने सलाह दी कि विपक्ष को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय रचनात्मक सुझाव देने चाहिए. इस गरिमामयी समारोह में सांसद सुशील कुमार कुशवाहा, सलेमपुर के पूर्व सांसद रवींद्र कुशवाहा, बिहार के पूर्व मंत्री व विधायक संतोष निराला और डुमरांव विधायक राहुल सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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