दीपावली पर यूपीएफएसडीए का बड़ा एक्शन- 9 मिठाई इकाइयों के लाइसेंस निलंबित, 99 कुंतल दूषित सामग्री पर कार्रवाई
दीपावली से पूर्व यूपीएफएसडीए ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 379 ठिकानों पर छापे मारे। 9 मिठाई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर 99 कुंतल सामग्री जब्त व नष्ट की।
त्योहारी सीजन में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के अंतर्गत व्यापक जांच अभियान संचालित किया। विभाग ने विशेष रूप से त्योहारों के दौरान सक्रिय होने वाली अस्थाई मिठाई निर्माण इकाइयों को जांच के दायरे में लिया, जहां अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में निर्माण और मानकों की अनदेखी की आशंका अधिक रहती है। इस राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान कुल 379 प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर 373 नमूने संग्रहित किए गए, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 211 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।

गंभीर स्वच्छता संबंधी खामियों और नियमों की अनदेखी पर 9 मिठाई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका संचालन बंद करा दिया गया। इसके साथ ही बिना पंजीकरण व लाइसेंस के चल रही एक निर्माण इकाई को सील कर संचालक के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पूरी कार्रवाई के दौरान लगभग 50 कुंतल दूषित मिठाइयां मौके पर नष्ट कराई गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य सामग्री अधिग्रहीत की गई, जिसका मूल्य लगभग 11.50 लाख रुपये है। इस प्रकार कुल 22.50 लाख रुपये मूल्य की 99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की गई।

जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने अंतर-जनपदीय निरीक्षण की विशेष कार्ययोजना लागू की, जिसके तहत अधिकारियों के कार्यदलों को गृह जनपद के बजाय दूसरे जिलों में जांच के लिए भेजा गया। जांच के दौरान कच्चे माल, खाद्य रंगों, खाद्य तेल की गुणवत्ता, भंडारण, पेयजल की शुद्धता और स्वच्छता मानकों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।

कार्रवाई के अंतर्गत जनपद संभल में घोर गंदगी व मानकों के उल्लंघन पर पांच प्रमुख रसगुल्ला निर्माण शालाओं सत्तार, जोगेंद्र, इरफान, तहजीब और साने आलम के लाइसेंस निलंबित कर उत्पादन पर रोक लगा दी गई। जनपद शामली स्थित जखीरा बत्तीसा निर्माण इकाई में खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रसायन सेफोलाइट मिलने और गंदगी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की गई। वहीं बुलंदशहर में बंधन स्वीट्स और रामा स्वीट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए। लखनऊ मंडल में अत्यधिक गंदगी के बीच संचालित पारा स्थित जय श्री दुर्गा गृह उद्योग का काम बंद कराया गया, जबकि काकोरी के बनियाखेड़ा में बिना लाइसेंस संचालित आकृति गृह उद्योग पर तालाबंदी कर न्यायिक वाद दायर करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।

विभागीय आयुक्त ने फील्ड अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जांच के नाम पर छोटे और खुदरा व्यापारियों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए। विभाग की प्राथमिकता मुनाफाखोरी के लिए जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर नकेल कसना और बाजार में केवल सुरक्षित व मानक अनुरूप मिठाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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