Bihar MLC Election 2026: मोकामा विधायक अनंत सिंह का बड़ा सियासी दांव, एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का किया समर्थन
Bihar MLC Election: मोकामा विधायक अनंत सिंह ने आगामी विधान परिषद चुनाव में अनुज सिंह का समर्थन करने और मौजूदा जदयू एमएलसी नीरज कुमार का विरोध करने का ऐलान किया है।
- Bihar Politics: अनंत सिंह ने बढ़ाई जदयू एमएलसी नीरज कुमार की मुश्किलें, विधान परिषद चुनाव को लेकर बेढ़ना में किया बड़ा ऐलान
- बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले बदला सियासी समीकरण: अनंत सिंह ने जदयू एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, जानिए अनुज सिंह को क्यों दिया समर्थन!
- Bihar MLC Elections: अनंत सिंह का बड़ा ऐलान, एमएलसी चुनाव में जदयू नेता नीरज कुमार के
बिहार में आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत सिंह ने स्थानीय राजनीति में एक नया समीकरण खड़ा करते हुए बड़ा सियासी दांव चल दिया है। पटना जिले के बेढ़ना में अपने समर्थकों के बीच पहुंचे अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह और उनके समर्थक आगामी एमएलसी चुनाव में अनुज सिंह का पूर्ण समर्थन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा जदयू एमएलसी नीरज कुमार का खुलकर विरोध करने और उनका साथ न देने का रुख साफ कर दिया है। अनंत सिंह के इस कड़े रुख के बाद बाढ़ से लेकर मोकामा तक के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है, जिसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ने की संभावना है।
बिहार में विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला सुनाते हुए एमएलसी चुनाव में अनुज सिंह के पक्ष में खड़े होने की बात कही है।
उन्होंने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान एमएलसी नीरज कुमार को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है। अनंत सिंह का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय निकायों के माध्यम से चुने जाने वाले प्रतिनिधियों के वोटों के गणित में बड़ा उलटफेर होने की आशंका जताई जा रही है।
पूरा मामला बाढ़ और मोकामा क्षेत्र के राजनीतिक प्रभुत्व से जुड़ा हुआ है। पटना जिले के बेढ़ना गांव में समर्थकों के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान अनंत सिंह अपने परिचित और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने अपने समर्थकों के बीच बेहद बेबाक ढंग से कहा कि जो राजनीति और सामाजिक जीवन में उनका साथ देगा, वे भी उसी का साथ देंगे।
इसी आधार पर उन्होंने अनुज सिंह को हर स्तर पर मदद पहुंचाने और जीत दिलाने का भरोसा दिया। बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके प्रभाव वाले लगभग 26 विधानसभा क्षेत्रों के समर्थक एकजुट होकर अनुज सिंह के पक्ष में मतदान करेंगे।
जब उनसे मौजूदा जदयू एमएलसी नीरज कुमार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो उनका साथ नहीं देता, उसके साथ खड़े होने का कोई औचित्य नहीं है। अनंत सिंह का यह बयान नीरज कुमार के लिए सीधा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अनंत सिंह के इस सार्वजनिक ऐलान के बाद क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि अनंत सिंह का फैसला इलाके के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता की भावनाओं के अनुरूप है और अनुज सिंह को चुनाव में इसका सीधा फायदा मिलेगा।
दूसरी ओर, इस राजनीतिक घटनाक्रम पर जदयू और नीरज कुमार के खेमे में भी रणनीतिक मंथन शुरू हो गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बयान पर कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी से जुड़े सूत्रों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर उत्पन्न हुए इस असंतोष को दूर करने के प्रयास किए जा सकते हैं, ताकि चुनाव के दौरान पार्टी का वोट बैंक विभाजित न हो।
अनंत सिंह का प्रभाव केवल मोकामा विधानसभा क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़, लखीसराय, मुंगेर और आसपास की कई अन्य सीटों पर भी उनके समर्थकों की अच्छी खासी मौजूदगी मानी जाती है। स्थानीय प्राधिकार एमएलसी चुनाव में मुख्य रूप से त्रिस्तरीय पंचायत निकायों और नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि मतदान करते हैं।
ऐसे में अनंत सिंह का खुला समर्थन अनुज सिंह के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। 26 विधानसभा क्षेत्रों में अपने समर्थकों को लामबंद करने का उनका दावा यदि जमीन पर पूरी तरह अमल में आता है, तो नीरज कुमार के लिए अपनी सीट बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इससे इलाके में नए राजनीतिक समीकरणों का बनना तय माना जा रहा है।
आगामी दिनों में जब विधान परिषद चुनाव के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी होगी और नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, तब इस राजनीतिक खींचतान का वास्तविक रूप सामने आएगा। देखना यह होगा कि जदयू नेतृत्व इस अंदरूनी कलह और मतभेद को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
साथ ही, यह भी दिलचस्प रहेगा कि अनंत सिंह अपने 26 विधानसभा क्षेत्रों वाले दावे को धरातल पर कितना उतार पाते हैं और नीरज कुमार इस राजनीतिक चुनौती से निपटने के लिए क्या रणनीति बनाते हैं। आने वाले हफ्तों में बाढ़ और मोकामा के आसपास की चुनावी सरगर्मी और तेज होने के पूरे आसार हैं।
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