जनमानस के जीवन में सकारात्मक बदलाव ही प्रशासन की असली सार्थकता: सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा- जनमानस में सकारात्मक बदलाव ही प्रशासन की सार्थकता है। 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के साथ यूपी बना रोल मॉडल।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जनमानस के जीवन में आने वाला सकारात्मक परिवर्तन ही किसी भी संवेदनशील प्रशासन की वास्तविक सार्थकता को सिद्ध करता है। उन्होंने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए राजधानी लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला 'साधना शृंखला-2026' के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और लोकसेवकों को व्यवस्था परिवर्तन का सबसे प्रमुख आधार बताया।
लोकसेवक हैं परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक हमारे लोकसेवक हैं। जब किसी राज्य का प्रशासनिक तंत्र पूर्णतः दक्ष, संवेदनशील और उत्तरदायी होता है, तभी जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) तक पारदर्शी ढंग से पहुंचता है। इसी कार्यप्रणाली से सुशासन का संकल्प धरातल पर साकार रूप लेता है।
2017 से पूर्व की सरकारों की कार्यसंस्कृति पर प्रहार
पूर्ववर्ती व्यवस्था की विसंगतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में व्याप्त परिवारवाद, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और संकीर्ण मानसिकता ने राज्य की प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति को गंभीर क्षति पहुंचाई थी। नीतिगत शिथिलता, अपराध और माफियाराज के चलते प्रदेश की असीम क्षमताओं पर ग्रहण लगा हुआ था और राज्य अपनी पहचान के संकट से जूझ रहा था।
'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू' स्टेट बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में 'डबल इंजन सरकार' ने 'मिशन कर्मयोगी' जैसी युगांतरकारी पहलों के जरिए प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को आधुनिक और परिणामोन्मुखी दिशा दी है। पिछले साढ़े नौ वर्षों के अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने 'बीमारू' राज्य की छवि को पीछे छोड़ते हुए 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू' राज्य बनने का ऐतिहासिक सफर तय किया है। आज उत्तर प्रदेश अपने प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत ढांचे को पुनर्गठित कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
साधना शृंखला-2026 से विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि इसी परिवर्तनकारी यात्रा को विस्तार देने के लिए लखनऊ में केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के संयुक्त मंथन के साथ दो दिवसीय क्षेत्रीय 'साधना शृंखला-2026' का विधिवत शुभारंभ हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की मूल भावना को आत्मसात करते हुए कर्मयोगी उत्तर प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
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