सीएम योगी ने 28 नवचयनित वैज्ञानिक अधिकारियों को बांटे नियुक्ति पत्र: इंटरव्यू के दिन ही रिजल्ट, युवाओं ने सराही पारदर्शिता
लखनऊ में सीएम योगी ने यूपीपीएससी द्वारा चयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। साक्षात्कार के दिन ही रिजल्ट जारी होने पर अभ्यर्थियों ने निष्पक्षता को सराहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध भर्ती नीति के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा चयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों को गुरुवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अभ्यर्थियों को अपने कर-कमलों से नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त कर नवचयनित अधिकारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभ्यर्थियों ने पूरी चयन प्रक्रिया की गति, शुचिता और योग्यता आधारित चयन प्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।
वैज्ञानिक अधिकारी (कंप्यूटर फॉरेंसिक) पद पर चयनित रवि गुप्ता ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का उच्चतम मानक देखने को मिला। साक्षात्कार संपन्न होने के दिन ही देर रात अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया, जो आयोग की कार्यकुशलता और सरकार की निष्पक्ष मंशा को साबित करता है। उन्होंने दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों मिले इस नियुक्ति पत्र को जीवन का सबसे बड़ा उपहार बताया।
प्रयागराज निवासी डॉ. अतुल कुमार, जिनका चयन भौतिक विज्ञान प्रक्षेत्र में वैज्ञानिक अधिकारी पद पर हुआ है, ने साझा किया कि पांच वर्षों की अनवरत तपस्या का फल उन्हें बिना किसी पैरवी या सिफारिश के केवल योग्यता के दम पर मिला है। वहीं आजमगढ़ के डॉ. रामकृष्ण मिश्रा (चयनित जीव विज्ञान प्रक्षेत्र) ने पाठ्यक्रम आधारित सटीक मूल्यांकन और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
पड़ोसी राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली डॉ. रोहिणी ने अपने पहले ही प्रयास में जीव विज्ञान प्रक्षेत्र में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भर्ती व्यवस्था में दूसरे राज्यों के योग्य युवाओं को भी बिना किसी भेदभाव के मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहा है, जो निष्पक्ष सुशासन का स्पष्ट प्रमाण है।
जीव विज्ञान प्रक्षेत्र में चयनित डॉ. गरिमा सिंह और कानपुर की डॉ. पौरभी सिंह ने साक्षात्कार वाले दिन ही त्वरित परिणाम जारी करने की व्यवस्था को सराहा। उन्होंने कहा कि त्वरित परिणाम जारी होने से किसी भी स्तर पर अनुचित साधन या बिचौलियों के दखल की कोई गुंजाइश नहीं बची। अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं समय निकालकर युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के भविष्य, वैज्ञानिक प्रतिभाओं और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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