Devipatan Education: सीएम योगी ने देवीपाटन मंडल के एक लाख मेधावी बच्चों को दी स्टडी टेबल, मासूमों ने आभार में भेजीं रंग-बिरंगी चिट्ठियां
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में 'शिक्षा की उड़ान' अभियान के तहत 1 लाख मेधावी बच्चों को स्टडी टेबल दी गईं। खुश होकर छात्र-छात्राओं ने सीएम योगी को आभार भरे पत्र भेजे।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और आकांक्षी अंचलों में स्कूली बच्चों के अध्ययन स्तर को सुधारने और घर पर पढ़ाई का अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में एक अनूठी पहल के सुखद परिणाम सामने आए हैं। देवीपाटन मंडल के चारों जनपदों बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती में परिषदीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को प्रदेश सरकार द्वारा एक लाख स्टडी टेबल उपलब्ध कराई गई हैं। घर पर पढ़ाई के लिए अपनी व्यक्तिगत टेबल और अध्ययन सामग्री पाकर ग्रामीण परिवेश के इन नौनिहालों के चेहरे खिल उठे हैं। अपनी इस खुशी को बच्चों ने बेहद निराले, भावनात्मक और रचनात्मक अंदाज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम हाथ से सजी हुई आभार भरी चिट्ठियां और पोस्टर भेजकर अभिव्यक्त किया है।
इन मासूमों द्वारा रंग-बिरंगे स्केच, फूल-पत्तियों और चित्रों से सजाकर भेजे गए पत्र केवल एक औपचारिक धन्यवाद नहीं हैं, बल्कि यह उस जमीनी बदलाव का प्रमाण हैं जो सरकारी योजनाओं के आंकड़ों से परे एक बच्चे के दैनिक जीवन में वास्तविक रूप से घटित होता है। घर के किसी छोटे से कोने में बिछी यह साधारण सी मेज अब इन बच्चों का 'पर्सनल स्टडी स्पेस' बन चुकी है, जहां वे घंटों बैठकर एकाग्रता से अपने सपनों को गढ़ रहे हैं।
बच्चों की मासूम अभिव्यक्ति: 'अब मेरी पीठ में दर्द नहीं होता'
मुख्यमंत्री कार्यालय और मंडलायुक्त कार्यालय को प्राप्त सैकड़ों पत्रों में बच्चों ने अपनी भाषा में पढ़ाई के अनुभव साझा किए हैं:
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सबा (कक्षा 6): कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी ने अधिकारियों का दिल छू लिया। उसने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए लिखा कि पहले उसे घर पर फर्श पर झुककर या बिस्तर पर बैठकर पढ़ने में बहुत असुविधा होती थी और लंबे समय तक पढ़ने पर उसकी पीठ में दर्द होने लगता था। सबा ने मासूमियत से लिखा कि स्टडी टेबल मिलने के बाद अब उसकी पीठ में बिल्कुल दर्द नहीं होता और वह आराम से कई घंटे पढ़ाई कर पाती है। उसने अपने पत्र में 'सब पढ़ें-सब बढ़ें' का नारा भी लिखा।
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स्वाती: स्टडी टेबल और लेखन सामग्री पाने वाली स्वाती ने पत्र को चारों ओर से सुंदर फूलों से सजाया है। उसने लिखा कि वह प्रतिदिन अपनी मेज पर पढ़ाई करती है और उसे किताबों व कॉपियों को करीने से रखने की जगह मिल गई है। उसने नीचे टेबल, खुली किताब और पेंसिल का स्केच बनाकर मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता जताई।
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नुजहत फातिमा (कक्षा 7): सातवीं कक्षा की छात्रा नुजहत फातिमा ने नीले चार्ट पेपर पर आकर्षक 'आभार पत्र' तैयार किया। उसने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से घर में पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बना है। अब वह स्कूल का गृहकार्य (होमवर्क) करने और पाठ को दोहराने में अधिक एकाग्र महसूस करती है। पत्र पर उसने रंगीन पेंसिलों से पढ़ती हुई बालिका का चित्र उकेरा है।
पोस्टरों पर उकेरी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की प्रेरणा
बच्चों की यह रचनात्मकता केवल शब्दों तक सीमित नहीं रही। कई छात्राओं ने चार्ट पेपर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बड़े-बड़े रेखाचित्र तैयार किए और किनारों पर 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' तथा 'बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी' जैसे प्रेरक नारे लिखे। एक छात्र ने बड़े अक्षरों में 'Thank You CM Yogi' लिखकर स्कूल के प्रवेश द्वार पर टेबल प्राप्त करती बालिका का दृश्य चित्रित किया, जो यह दर्शाता है कि इस छोटी सी सुविधा ने उनके स्वाभिमान और अध्ययन के उत्साह को कितना बढ़ा दिया है।
'शिक्षा की उड़ान' अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा: मंडलायुक्त
देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस विशेष अभियान के संबंध में बताया कि मंडल के चारों जिलों में 'शिक्षा की उड़ान' स्टडी टेबल वितरण कार्यक्रम संचालित किया गया था। इस अभियान के तहत कुल एक लाख स्टडी टेबल वितरित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
मंडलायुक्त ने बताया कि ग्रामीण परिवेश के अधिकांश परिवारों में अलग से अध्ययन कक्ष या मेज-कुर्सी की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। बच्चे अक्सर जमीन पर झुककर या रोशनी की कमी में पढ़ते हैं, जिससे उनकी शारीरिक मुद्रा (पोस्चर) खराब होती है और आंखों पर भी जोर पड़ता है। इस समस्या के समाधान और घर में नियमित व अनुशासित अध्ययन की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन के रूप में यह टेबल दी गई है, ताकि कक्षा के बाहर भी उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता निरंतर बनी रहे।
बहराइच में सर्वाधिक 34,260 स्टडी टेबल का वितरण
मंडलायुक्त द्वारा जारी जिलेवार आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में सबसे अधिक टेबल भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच जनपद में वितरित की गईं:
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बहराइच: 34,260 स्टडी टेबल
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गोंडा: 27,650 स्टडी टेबल
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बलरामपुर: 26,984 स्टडी टेबल
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श्रावस्ती: 11,106 स्टडी टेबल
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कुल वितरण: 1,00,000 (एक लाख) स्टडी टेबल
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राएं आच्छादित
दुर्गा शक्ति नागपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि 'शिक्षा की उड़ान' के तहत चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती गई। इसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त मंडल के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में नामांकित शत-प्रतिशत छात्राओं को इस योजना के दायरे में लाकर उन्हें टेबल व किट उपलब्ध कराई गई।
प्रशासन ने इसे एक सतत और निरंतर चलने वाले अभियान के रूप में विकसित किया है, ताकि आने वाले शैक्षणिक सत्रों में भी शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके और ग्रामीण अंचल के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में नई उड़ान भरने का आत्मविश्वास मिलता रहे।
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