CTI Writes To Delhi Police Commissioner - दिल्ली में चुनावी रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक की मांग, CTI ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर रैलियों और प्रदर्शनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
- Delhi Pollution Protest Ban Demand - स्मॉग और ट्रैफिक जाम से कारोबार ठप, व्यापारियों ने की रैलियों पर अंतरिम पाबंदी लगाने की मांग
- Delhi Traders Appeal On Pollution - बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच CTI का कड़ा कदम, पुलिस प्रमुख से राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न देने की अपील
- Delhi Law And Order Trade News - 'पहले से जहरीली है हवा, रैलियों से बढ़ता है जाम', चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने उठाई आवाज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिगड़ती वायु गुणवत्ता और लगातार गहराते स्मॉग संकट के बीच व्यापारियों की प्रमुख संस्था चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने बड़ा कदम उठाया है। सीटीआई ने दिल्ली पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) को एक औपचारिक पत्र भेजकर राजधानी की सड़कों पर होने वाली सभी राजनीतिक रैलियों, रोड शो, पदयात्राओं और बड़े विरोध-प्रदर्शनों पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगाने की मांग की है।
व्यापारी संगठन का तर्क है कि दिल्ली की हवा पहले से ही 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी के बीच झूल रही है। ऐसे समय में जब शहर भर में राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा रैलियां और मार्च निकाले जाते हैं, तो प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। वाहनों के रेंगने और लंबे समय तक इंजन चालू रहने से निकलने वाला धुआं प्रदूषण स्तर को और अधिक जानलेवा बना देता है।
- जाम से कारोबार पर पड़ रहा है सीधा असर
सीटीआई के पदाधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के इस दौर में त्योहारी और शादियों का सीजन अपने चरम पर होता है। ऐसे में दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों—जैसे चांदनी चौक, कनाट प्लेस, करोल बाग, सदर बाजार, लाजपत नगर और चावड़ी बाजार में ग्राहकों व व्यापारियों का भारी आवागमन रहता है।
लगातार लगने वाले जाम और रास्तों के डायवर्जन से न सिर्फ माल की आपूर्ति (सप्लाई चेन) बाधित हो रही है, बल्कि खुदरा खरीदार भी बाजारों में आने से कतराने लगे हैं। व्यापारियों के अनुसार, जब तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुरक्षित स्तर पर नहीं आ जाता, तब तक किसी भी तरह के बड़े जमावड़े या मार्च की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- पुलिस प्रशासन से सख्त दिशानिर्देश लागू करने की अपील
पत्र में पुलिस कमिश्नर से आग्रह किया गया है कि वे दिल्ली के नागरिकों, स्कूली बच्चों और सांस के मरीजों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कड़ा फैसला लें। संगठन ने सुझाव दिया है कि यदि कोई विरोध-प्रदर्शन बेहद अनिवार्य हो, तो उसे मुख्य सड़कों के बजाय केवल निर्धारित स्थलों (जैसे जंतर-मंतर या रामलीला मैदान के सीमित दायरे) तक ही सीमित रखा जाए, ताकि आम जनता और यातायात प्रभावित न हो।
सीटीआई ने यह भी बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा ग्रैप (GRAP) के तहत कई कड़े प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। ऐसे में सार्वजनिक सड़कों पर बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शनों और मार्चों पर रोक लगाकर प्रदूषण व ट्रैफिक दोनों समस्याओं से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
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