Bombay HC On Film Ramayana - 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' की पायरेसी पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, रिलीज से पहले जारी किया 'डायनामिक इंजंक्शन'

बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिल्म 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' को ऑनलाइन पायरेसी और कॉपीराइट उल्लंघन से बचाने के लिए अज्ञात पक्षों (जॉन डो) के खिलाफ डायनामिक अंतरिम रोक आदेश जारी किया है।

By INA News Desk
Nov 3, 2026 - 15:18
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Bombay HC On Film Ramayana - 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' की पायरेसी पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, रिलीज से पहले जारी किया 'डायनामिक इंजंक्शन'
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  •  Ramayana Film Copyright Order - फिल्म 'रामायण' के राइट्स की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 'जॉन डो' पर लगाई रोक
  • Dynamic Injunction Bombay HC - बिना अनुमति न स्ट्रीम होगी, न दिखेगी फुटेज; 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' को मिला कोर्ट का कानूनी सुरक्षा कवच
  • Godpower Media Copyright Plea - जस्टिस माधव जामदार का आदेश: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह पाबंदी

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' को कॉपीराइट उल्लंघन और ऑनलाइन पायरेसी से सुरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने सोमवार को फिल्म की मूल सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विस्तृत 'डायनामिक एड-इंटैरिम इंजंक्शन' (गतिशील अंतरिम रोक आदेश) जारी किया।

इस आदेश के तहत अज्ञात व्यक्तियों ('जॉन डो') सहित विभिन्न वेबसाइटों, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) और सोशल व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे फिल्म की वैश्विक थिएट्रिकल रिलीज से पहले या उसके दौरान बिना वैध अनुमति के इसकी किसी भी सामग्री को रिकॉर्ड, होस्ट, स्ट्रीम, डाउनलोड या वितरित नहीं कर सकेंगे।

  • गॉडपावर मीडिया की याचिका पर जस्टिस माधव जामदार का आदेश

यह अंतरिम आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माधव जामदार की एकल पीठ ने 'गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा दायर वाणिज्यिक मुकदमे की सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता कंपनी के पास इस फिल्म के आधिकारिक कॉपीराइट और इससे जुड़े समस्त घरेलू व क्षेत्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights - IPR) मौजूद हैं।

कंपनी ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि बड़े पैमाने पर निर्मित इस सिनेमाई परियोजना पर भारी वित्तीय निवेश और बौद्धिक श्रम लगा है। रिलीज से पहले या उसके तुरंत बाद अवैध पायरेसी नेटवर्क, टोरेंट साइट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा फिल्म की मूल स्क्रिप्ट, किरदारों के लुक, फुटेज, डायलॉग्स, ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग्स और गानों को लीक किए जाने का गंभीर जोखिम रहता है। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए तत्काल अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

  • क्या होता है 'डायनामिक इंजंक्शन' और इसका प्रभाव?

मिरर और प्रॉक्सी साइट्स पर स्वतः पाबंदी: यदि कोई पायरेटेड प्लेटफॉर्म अपना यूआरएल (URL) या डोमेन नाम बदलकर नई 'मिरर साइट' या 'प्रॉक्सी' तैयार करता है, तो वादी पक्ष को बार-बार अदालत से नया आदेश लेने की आवश्यकता नहीं होती।

त्वरित ब्लॉक करने के निर्देश: कॉपीराइट धारक केवल तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत करके दूरसंचार विभाग (DoT) और इंटरनेट प्रदाताओं के जरिए ऐसे नए अवैध लिंक्स को तुरंत ब्लॉक करवा सकता है।

सोशल मीडिया पर अनधिकृत फुटेज पर रोक: यूट्यूब, टेलीग्राम और अन्य सोशल नेटवर्क पर थिएटर रिकॉर्डिंग या क्लिप्स अपलोड करने पर संबंधित खातों और लिंक्स को बिना देरी हटाना अनिवार्य होगा।

हाई कोर्ट के इस कड़े कदम से फिल्म निर्माताओं को वित्तीय नुकसान से बचाने और सिनेमाघरों में रिलीज के दौरान फिल्म की भव्यता व गोपनीयता बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

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