देवबंद में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात: 24 घंटे में रिकॉर्ड 252 मिमी बरसे बदरा, निचले इलाकों में घुसा पानी

देवबंद में पिछले 24 घंटों में 252 मिमी रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। जलभराव के चलते स्कूल बंद रखने पड़े।

Jul 9, 2026 - 21:27
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देवबंद में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात: 24 घंटे में रिकॉर्ड 252 मिमी बरसे बदरा, निचले इलाकों में घुसा पानी
देवबंद में आफत की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कों पर भरा कई फीट पानी, स्कूल बंद और आम की फसल को नुकसान

सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका के दावों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड 252 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण नगर के तमाम निचले इलाकों की सड़कें तालाब के रूप में तब्दील हो गई हैं। चारों तरफ हुए भारी जलभराव की वजह से आम नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस आक्रामक मिजाज और लगातार होती बरसात को देखते हुए एहतियात के तौर पर क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया।

क्षेत्र में शुरू हुई यह मूसलाधार बारिश अगले दिन दोपहर बाद तक लगातार जारी रही। भारी वर्षा के चलते देवबंद-गंगोह बाइपास, कोहला बस्ती, मोहल्ला दीवान, खानकाह, भायला रोड, रेती चौक, पठानपुरा, नेचलगढ़, रेलवे रोड, शाहजीलाल, रविदास मार्ग और मोहल्ला बड़जियाउलहक समेत नगर के कई रिहायशी और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई जगहों पर जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी दुकानों और घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। परेशान दुकानदारों ने स्थानीय नगर पालिका प्रशासन से जल निकासी की कोई स्थायी और ठोस व्यवस्था कराने की मांग की है। पुरानी बस्तियों के साथ-साथ नई विकसित हो रही कॉलोनियों में भी हालात बेहद खराब हैं, जहां सड़कों पर कीचड़ और गहरे जलभराव के कारण लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है।

मौसम के इस बदले रूप का असर कृषि क्षेत्र पर मिला-जुला देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां इस मानसूनी बारिश से धान और गन्ने की फसलों को भरपूर पानी मिलने से किसान बेहद उत्साहित हैं, वहीं दूसरी तरफ आम के कारोबार से जुड़े बागवानों और ठेकेदारों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। स्थानीय आम व्यापारी जीशान, अकबर और अब्दुल वाहिद ने बताया कि जून महीने में पड़ी भीषण गर्मी और लू के कारण पहले ही आम की पैदावार पर बुरा असर पड़ा था। अब इस लगातार हो रही बारिश की वजह से पेड़ों से पके हुए फलों की तुड़ाई का काम पूरी तरह रुक गया है। इसके साथ ही नमी बढ़ने से आम की फसल में काला रोग (फंगस) फैलने की आशंका बढ़ गई है, जिससे पूरी फसल के बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है।

क्षेत्रीय त्रिवेणी शुगर मिल की प्रयोगशाला के प्रभारी सुभाष वर्मा ने मौसम के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दिन 195 मिमी और अगले दिन दोपहर एक बजे तक 57 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह पिछले 24 घंटों के भीतर कुल 252 मिमी बारिश हुई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जुलाई महीने की शुरुआत से लेकर अब तक पूरे क्षेत्र में कुल 345 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य से काफी अधिक है। जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य चलाने के लिए स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया है।

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