मसूरी में आपदा से निपटने की तैयारी का परीक्षण, बारिश के बीच तीन घंटे चली मॉक ड्रिल
उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरूवार को मसूरी-एलकेडी
रिपोर्टर सुनील सोनकर
उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरूवार को मसूरी-एलकेडी रोड पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के नेतृत्व में हुई इस ड्रिल में भूस्खलन की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के अनुसार पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से 20 यात्रियों से भरी एक मिनी बस फंस गई, जबकि एक कार गहरी खाई में जा गिरी। कार में सवार चार लोगों में से दो की मौके पर मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति दर्शाई गई। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस, उप जिला चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
फायर सर्विस और वन विभाग के जवान रस्सियों के सहारे खाई में उतरे और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। वहीं लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया। भारी बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बरसात के मौसम में भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सभी प्रमुख विभाग मौके पर पहुंच गए, जिसमें सबसे पहले मसूरी पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। यह सभी विभागों की बेहतर तैयारी और समन्वय का प्रमाण है।उन्होंने लोगों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें। साथ ही स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने का भी आग्रह किया।
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